52 किमी सड़क होगी 22 मीटर चौड़ी, जमीन अधिग्रहण और मुआवजे पर खर्च होंगे 160 करोड़; 350 गांवों के 2 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा फायदा
बिलासपुर। रतनपुर से लोरमी के बीच करीब 8 साल पहले 100 करोड़ रुपए खर्च कर बनाई गई टू लेन सड़क अब फोरलेन में तब्दील होगी। लोक निर्माण विभाग ने 52 किमी लंबे मार्ग के चौड़ीकरण के लिए करीब 650 करोड़ रुपए का मेगा प्रोजेक्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। सड़क 22 मीटर चौड़ी होगी और बीच में डिवाइडर बनाया जाएगा। इस परियोजना से आसपास के करीब 350 गांवों के 2 लाख से अधिक लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। प्रोजेक्ट में अरपा नदी पर जोगीपुर के पास नया पुल और रतनपुर-कोटा रेललाइन के पास रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) भी प्रस्तावित है।
इस सड़क का निर्माण करीब 8 साल पहले टू लेन के रूप में किया गया था। अब इसकी पीरियडिक रिन्यूअल अवधि पूरी होने के बाद पीडब्ल्यूडी ने नए सिरे से प्रस्ताव तैयार करना शुरू किया है। शुरुआत में विभाग ने टू लेन सड़क के नवीनीकरण का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन इंजीनियर इन चीफ (ईएनसी) कार्यालय ने फोरलेन का प्रस्ताव मांगा है। इसके बाद विभाग ने सड़क की चौड़ाई बढ़ाने और जरूरी निर्माण कार्यों को शामिल करते हुए सर्वे शुरू किया है।
सड़क निर्माण पर 300 करोड़, भू-अर्जन में 160 करोड़ खर्च
पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 650 करोड़ रुपए है। इसमें सड़क निर्माण पर लगभग 300 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, जबकि जमीन अधिग्रहण और मुआवजे के लिए करीब 160 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। बाकी राशि पुलों और अन्य निर्माण कार्यों पर खर्च की जाएगी। भू-अर्जन इस परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। 52 किमी मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए बड़ी मात्रा में अतिरिक्त जमीन की जरूरत पड़ेगी। इसके साथ ही निर्माण की जद में आने वाले पेड़ों का भी आकलन किया जा रहा है।
रेलवे की जमीन और आरओबी का रूट तय करना चुनौती
रतनपुर-कोटा रेललाइन के पास सड़क का करीब 600 मीटर हिस्सा पहले रेलवे की जमीन पर आ रहा था। इसी वजह से पुराने प्रस्ताव को रेलवे से मंजूरी नहीं मिल पाई थी। नए प्रस्ताव में भी रेलवे की जमीन और उसकी अनुमति महत्वपूर्ण होगी। रेलवे लाइन के पास आरओबी का रूट अभी तय नहीं हुआ है। यदि इसे कोटा के शहरी क्षेत्र से निकाला जाता है तो रेलवे की जमीन पर निर्माण के लिए अनुमति लेनी होगी। इस परेशानी से बचने के लिए पीपरतराई की ओर से वैकल्पिक रूट निकालने पर भी विचार किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद ही अंतिम रूट स्पष्ट होगा।
जोगीपुर में अरपा पर बनेगा 100 करोड़ का पुल
फोरलेन परियोजना में दो बड़े पुल प्रस्तावित हैं। पहला पुल जोगीपुर गांव के पास अरपा नदी पर बनाया जाएगा। वर्तमान में यहां बना पुल संकरा है, जिससे आवागमन में परेशानी होती है। फोरलेन के अनुरूप नया पुल बनाने पर करीब 100 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। दूसरा बड़ा निर्माण रतनपुर-कोटा रेललाइन के पास आरओबी के रूप में प्रस्तावित है। दोनों पुलों सहित अन्य संरचनाओं पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है।
इसी मार्ग पर करीब एक किमी हिस्से में फोरलेन सड़क निर्माण का काम दीपावली के बाद शुरू करने की तैयारी है। हालांकि, यह काम प्रस्तावित 52 किमी के पूरे प्रोजेक्ट से संबंधित किस हिस्से में होगा, इसकी स्थिति आगे स्पष्ट होगी।
लोरमी से नवागढ़ तक बनेगा 100 किमी का सड़क नेटवर्क
यह योजना केवल बिलासपुर जिले तक सीमित नहीं है। व्यापक परियोजना के तहत लोरमी से मुंगेली और बेमेतरा होते हुए नवागढ़ तक करीब 100 किमी सड़क और पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसमें बिलासपुर जिले के हिस्से में 52 किमी सड़क शामिल है। इसके बनने से सैकड़ों गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और भारी वाहनों की आवाजाही भी आसान होगी।
दूसरी ओर, नेशनल हाईवे विभाग ने भी इस मार्ग के लिए लंबी दूरी की सड़क का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी का प्रस्ताव मंजूर होने पर इस परियोजना का काम पहले शुरू होने की संभावना है।
सर्वे के बाद स्पष्ट होगी आगे की स्थिति
पीडब्ल्यूडी बिलासपुर सर्किल के चीफ इंजीनियर आरके रात्रे के मुताबिक, फिलहाल सर्वे का काम चल रहा है। किसी भी नए प्रोजेक्ट में भू-अर्जन महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके साथ ही यह भी आकलन किया जा रहा है कि निर्माण की जद में कितने पेड़ आएंगे। सर्वे पूरा होने के बाद ही परियोजना की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।