सूने मकान, सोते परिवार और सरकारी राशन दुकान को बनाया निशाना; 36 कट्टी चावल समेत 3 लाख से अधिक का माल पार, 9 महीने में नकबजनी के मामले 23% बढ़े

बिलासपुर। त्योहारों से पहले शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक चोरी की लगातार हो रही वारदातों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे के भीतर सरकंडा, रतनपुर, सीपत क्षेत्र के केंवटाडीह और मस्तूरी में चोरी की चार घटनाएं सामने आई हैं। कहीं सूने मकान का ताला तोड़कर जेवर और घड़ी पार कर दिए गए, तो कहीं परिवार के सोते समय आंगन से संदूक उठा ले गए। चोरों ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान को भी नहीं छोड़ा और 36 कट्टी सरकारी चावल ले उड़े। मस्तूरी के जयरामनगर में निर्माण कंपनी के परिसर से बाइक, गैस कटर, सिलेंडर, पंप और अन्य औजार चोरी कर लिए गए। चारों घटनाओं में 3 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति चोरी होने की बात सामने आई है।

लगातार हो रही वारदातों के बीच पुलिस की रात्रि गश्त और प्रमुख स्थानों पर पाइंट ड्यूटी की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। चिंता इसलिए भी बढ़ रही है, क्योंकि जिले में नकबजनी और सामान्य चोरी के मामले पिछले वर्ष की तुलना में बढ़े हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पुलिस अब तक नकबजनी के करीब 50 प्रतिशत मामलों को ही सुलझा सकी है।

चार जगह चोरी, हर वारदात का तरीका अलग

केस-1: बंद राशन दुकान का कुंडा तोड़कर 36 कट्टी चावल चोरी

सीपत क्षेत्र के केंवटाडीह-भुतहा में चोरों ने हफ्तेभर से बंद पड़ी शासकीय उचित मूल्य की दुकान को निशाना बनाया। दुकान का कुंडा तोड़कर चोर वहां रखे 36 कट्टी सरकारी चावल ले गए। चोरी गए चावल की कीमत करीब 75 हजार 600 रुपये बताई गई है। सरकारी राशन दुकान में चोरी की इस घटना से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत रखे खाद्यान्न की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

केस-2: चार दिन से सूने मकान में घुसे चोर, लॉकर काटकर जेवर पार

सरकंडा क्षेत्र के बिजौर में नीरज सूर्या का मकान चार दिन से सूना था। इसी का फायदा उठाकर चोर घर में घुस गए। उन्होंने आलमारी का ताला तोड़ने के बाद लॉकर काटा और करीब 85 हजार रुपये कीमत के जेवर व घड़ी चोरी कर ली। घटना का पता चलने के बाद चोरी गए सामान का आकलन किया गया।

केस-3: परिवार सोता रहा, आंगन से संदूक उठाकर ले गए चोर

रतनपुर क्षेत्र के बोधीबंद में चोरों ने घर के आंगन में रखा संदूक पार कर दिया। संदूक में जेवर, मोबाइल और 30 हजार रुपये नकद रखे हुए थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई है। इस घटना में चोरों ने घर के भीतर जाने के बजाय आंगन में रखा संदूक ही उठा लिया।

केस-4: चोरी के बाद मुख्य गेट पर लगा गए अपना ताला

मस्तूरी क्षेत्र के जयरामनगर में बादल कंस्ट्रक्शन को चोरों ने निशाना बनाया। यहां से बाइक, गैस कटर, सिलेंडर, पंप और अन्य औजार चोरी कर लिए गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब 85 हजार रुपये बताई गई है। वारदात के बाद चोर मुख्य गेट पर अपना नया ताला लगाकर चले गए, ताकि परिसर की स्थिति देखकर तत्काल किसी को चोरी का संदेह न हो। चोरी का यह तरीका बताता है कि आरोपी वारदात के बाद भी कुछ समय तक अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करते रहे।

नौ महीने में नकबजनी के मामले 23 प्रतिशत बढ़े

जिले में चोरी की बढ़ती घटनाओं का असर आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। वर्ष 2025 में नकबजनी के 222 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2026 में 30 सितंबर तक ही इनकी संख्या बढ़कर 273 हो गई। इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में नकबजनी के मामले करीब 23 प्रतिशत बढ़ चुके हैं, जबकि चालू वर्ष के तीन महीने अभी बाकी हैं।

नकबजनी के मामलों में चोरी गई संपत्ति का मूल्य भी बढ़ा है। वर्ष 2025 में यह करीब 1.85 करोड़ रुपये था, जो 2026 में सितंबर तक बढ़कर 1.96 करोड़ रुपये से अधिक हो गया। इन मामलों में पुलिस अब तक करीब 50 प्रतिशत का ही खुलासा कर सकी है। यानी बड़ी संख्या में मामलों का निराकरण अभी बाकी है।

सामान्य चोरी के मामले भी बढ़े

सिर्फ घरों और दुकानों में सेंधमारी ही नहीं, सामान्य चोरी की घटनाओं में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में सामान्य चोरी के 723 मामले सामने आए थे, जबकि 2026 के शुरुआती नौ महीनों में ही 761 मामले दर्ज हो चुके हैं। इस तरह सामान्य चोरी के मामलों में करीब 5.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

चोरी गई संपत्ति का मूल्य भी 2.98 करोड़ रुपये से बढ़कर 3.25 करोड़ रुपये हो गया है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, सामान्य चोरी के करीब 60 प्रतिशत मामलों में आरोपियों से सामान बरामद किया गया है। ये आंकड़े सितंबर तक के हैं। ऐसे में त्योहारों के बाद ठंड के मौसम में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी।

गश्त और पाइंट ड्यूटी के बावजूद वारदातें

चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने रात्रि गश्त बढ़ाने और थानों के प्रमुख पाइंट पर दो-दो जवानों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद लगातार वारदातें सामने आने से इन व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में गश्त और पाइंट ड्यूटी की निगरानी को लेकर सवाल किए जा रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर यह चिंता भी जताई जा रही है कि शहर की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी की घटनाएं अधिक हो रही हैं। सूने मकान, बंद दुकानें और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की कमी चोरों के लिए अवसर बन रही है। त्योहारों के दौरान लोग खरीदारी या पारिवारिक कार्यक्रमों में व्यस्त रहते हैं और कई मकान लंबे समय तक खाली रहते हैं। ऐसे में पुलिस की नियमित गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण हो जाता है।

जिन मामलों का खुलासा नहीं, उनमें भी प्रयास जारी: एएसपी

एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह ने कहा कि चोरी की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार भी कर रही है। जिन मामलों का अभी खुलासा नहीं हुआ है, उनमें भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, प्रत्येक थाने में कुछ ऐसे मामले हैं, जिनमें आरोपियों की पहचान हो चुकी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं के बीच अब लोगों को पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने का इंतजार है। त्योहारों के दौरान घरों, दुकानों और सरकारी राशन भंडारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।