बिलासपुर, 20 अगस्त 2026। शहर में ऑटो और ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस जल्द ही सभी ऑटो में क्यूआर कोड लगाने की व्यवस्था शुरू करने जा रही है। इसके लिए ऑटो और ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन प्रारंभ किया जाएगा। क्यूआर कोड स्कैन करते ही यात्रियों को ऑटो चालक, वाहन मालिक और वाहन से संबंधित आवश्यक जानकारी तत्काल मिल सकेगी।

पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में यह व्यवस्था लागू की जा रही है। योजना के तहत पेट्रोल, डीजल और ई-रिक्शा समेत सभी प्रकार के ऑटो को पंजीकृत कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

विवाद या आपात स्थिति में आसान होगी पहचान

यातायात पुलिस के अनुसार, ऑटो चालक और यात्री के बीच किसी प्रकार का विवाद, टकराव या संदेह की स्थिति उत्पन्न होने पर क्यूआर कोड के माध्यम से वाहन और चालक की पहचान आसानी से की जा सकेगी। किसी आपात स्थिति में पुलिस को सूचना देने पर संबंधित ऑटो चालक और वाहन की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जा सकेगी।

रजिस्ट्रेशन के बाद ऑटो चालकों, वाहन मालिकों और किराए पर ऑटो चलाने वाले व्यवसाइयों की जानकारी पुलिस के पास डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगी। इससे आवश्यकता पड़ने पर किसी ऑटो और उसके चालक की पहचान करने में पुलिस को सुविधा होगी।

महिला ऑटो चालकों के लिए भी उपयोगी व्यवस्था

बिलासपुर में बड़ी संख्या में महिला चालक भी ऑटो संचालित कर रही हैं। उन्हें दिन और रात में शहर के अलावा दूर-दराज के क्षेत्रों तक यात्रियों को छोड़ने जाना पड़ता है। ऐसे में विषम परिस्थितियों या किसी आपात स्थिति में चालक की पहचान और सहायता उपलब्ध कराने में क्यूआर कोड व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

पुलिस के अनुसार, क्यूआर कोड के माध्यम से ऑटो चालकों द्वारा दी गई सूचना और संबंधित लोकेशन की जानकारी प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी। इससे यात्रियों और ऑटो चालकों दोनों के लिए अधिक सुरक्षित और विश्वासपूर्ण परिवहन व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

ऑटो चालकों से रजिस्ट्रेशन कराने की अपील

यातायात पुलिस ने सभी ऑटो चालकों से शीघ्र अपने ऑटो का अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना रजिस्ट्रेशन संचालित होने वाले ऑटो पर निगरानी रखी जाएगी। क्यूआर कोड आधारित यह व्यवस्था लागू होने के बाद शहर में ऑटो परिवहन से जुड़े वाहनों और चालकों का डिजिटल रिकॉर्ड पुलिस के पास उपलब्ध रहेगा।