टक्कर से 5 फीट उछलकर बोनट पर गिरा युवक, बाइक को 50 मीटर तक घसीटा; पैर में गंभीर चोट

बिलासपुर। सरकंडा की स्वर्णिमा कॉलोनी के पास तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार इंजीनियर करीब 5 फीट उछलकर कार के बोनट पर जा गिरा। कार चालक बाइक को करीब 50 मीटर तक घसीटता ले गया। हादसे में इंजीनियर के पैर में गंभीर चोट आई है। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि कार में तीन नाबालिग सवार थे और वाहन एक नाबालिग चला रहा था। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

सिरगिट्टी के गणेश नगर स्थित अन्नपूर्णा कॉलोनी निवासी साहिल खान ने सरकंडा थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। साहिल डीपी कॉलेज में एमए का छात्र है। उसने पुलिस को बताया कि उसका बड़ा भाई समीर खान फ्लिपकार्ट में इंजीनियर है। 12 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे समीर बाइक क्रमांक CG 10 AW 2894 से ड्यूटी के सिलसिले में स्वर्णिमा कॉलोनी की ओर जा रहा था। इसी दौरान गीतांजलि सिटी के पास स्थित कॉलोनी में सामने से आ रही कार क्रमांक CG 10 BE 1235 ने उसकी बाइक को दाहिनी तरफ से टक्कर मार दी।

सीसीटीवी फुटेज में कार की टक्कर से बाइक सवार उछलकर बोनट पर गिरता दिखाई दे रहा है। टक्कर के बाद कार बाइक को घसीटते हुए करीब 50 मीटर आगे जाकर रुकी। हादसे में समीर के पैर में गंभीर चोट आई। उसे तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के अगले दिन उसके भाई की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।

शिक्षक और आरक्षक के बेटे बताए जा रहे नाबालिग

जानकारी के अनुसार, कार में सवार नाबालिगों में से एक लोयला स्कूल में आठवीं का छात्र है। उसके माता-पिता दोनों शिक्षक बताए जा रहे हैं। दूसरा बिड़ला माइंड स्कूल में पढ़ता है, जबकि उसके पिता पुलिस विभाग में आरक्षक हैं। तीसरे बालक के संबंध में जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की एफआईआर में आरोपियों के नाम का उल्लेख नहीं होने और केवल कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

शिकायतकर्ता पक्ष ने मामले में कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि पुलिस ने अब तक वाहन में सवार अन्य लोगों और नाबालिगों को कार देने वाले परिजनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। रहवासियों का कहना है कि यातायात नियम तोड़ने पर चालान की कार्रवाई तेजी से होती है, लेकिन गंभीर हादसे के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई को लेकर सवाल बने हुए हैं।

कॉलोनियों में नाबालिगों की तेज रफ्तार से खतरा

शहर की रिहायशी कॉलोनियों की संकरी सड़कों पर नाबालिगों के तेज रफ्तार में कार और बाइक चलाने से हादसों का खतरा बढ़ रहा है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि ऐसे वाहन चालकों को रोकने पर उनके परिजन उलटे देख लेने की धमकी देते हैं। इससे रहवासियों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में तेज रफ्तार पर रोक लगाने के साथ नाबालिगों को वाहन देने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

वेयरहाउस रोड हादसे में छात्र की जा चुकी है जान

इससे पहले 12 जुलाई को वेयरहाउस रोड पर सुबह करीब 7:30 बजे तेज रफ्तार कार ने स्कूटी को टक्कर मार दी थी। हादसे में स्कूटी सवार छात्र की मौत हो गई थी। उस मामले में भी कार नाबालिग चला रहे थे। घटना के बाद नाबालिगों को वाहन देने वाले परिजनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी थी। एसएसपी रजनेश सिंह ने भी नाबालिगों को वाहन देने वाले परिजनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सरकंडा में एक और हादसा सामने आने से नाबालिगों के वाहन चलाने और उन पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस बार गनीमत रही कि इंजीनियर की जान बच गई।