
बिलासपुर। भाजपा सरकार की बिजली व्यवस्था और स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी अभियान को और तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में बिलासपुर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर-ग्रामीण) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वार्ड और पंचायत स्तर पर आम लोगों से स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर भरवाए जा रहे शिकायत फॉर्म की समीक्षा की गई।
बैठक में रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय मौजूद रहे। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री समेत ब्लॉक एवं मंडल अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे अभियान की जानकारी दी। कांग्रेस नेताओं ने घर-घर जाकर अधिक से अधिक उपभोक्ताओं से शिकायत फॉर्म भरवाने और उन्हें जल्द जमा कराने पर जोर दिया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बढ़ोतरी हुई है। पार्टी का कहना है कि उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों को एकत्र कर सरकार के सामने रखा जाएगा और स्मार्ट मीटर लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की जाएगी। हालांकि, छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर योजना की शुरुआत पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही की गई थी।
हाफ बिल योजना बहाल करने की भी मांग
कांग्रेस ने पुराने बिजली मीटर दोबारा लगाने के साथ पिछली कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना को फिर से लागू करने की मांग उठाई। साथ ही बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग भी की गई।
जिला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर उपभोक्ताओं की शिकायतों को एकत्र कर उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाई जाएगी। अभियान को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए वार्ड और पंचायत स्तर पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
बैठक में राजेंद्र शुक्ला, विजय पांडे, रविंद्र सिंह, नरेंद्र बोलर, राजेश पांडे, शेख नजरुद्दीन, आशीष सिंह, राजेंद्र साहू, अभय नारायण राय, जितेंद्र पांडे, देवेंद्र सिंह, स्वप्निल शुक्ला, राकेश शर्मा, महेश दुबे और समीर अहमद समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।