रतनपुर। ऑल छत्तीसगढ़ ड्राइवर संगठन के तत्वावधान में गुरुवार को आनंदम पैलेस रतनपुर में ड्राइवर संगठनों की राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण बैठक एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे ड्राइवर संगठनों एवं महासंघों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में देशभर के ड्राइवरों को एकजुट करने, उनकी सुरक्षा, सम्मान तथा सामाजिक एवं आर्थिक अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान आगामी 12 नवंबर 2026 से प्रस्तावित "स्टीयरिंग छोड़ अभियान एवं चक्काजाम" को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर रणनीति और रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया।

संगठन ने ड्राइवर सुरक्षा कानून लागू करने, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर ड्राइवर आयोग गठित करने, प्रत्येक राज्य में ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड बनाने तथा ड्राइवरों और उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण के लिए प्रभावी योजनाएं लागू करने की मांग उठाई।

इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में ड्राइवरों की सुरक्षा और उनके परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस व्यवस्था, ड्राइवरों के लिए सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां, विश्राम स्थल और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और परिवहन व्यवस्था में ड्राइवरों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन इसके बावजूद ड्राइवरों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं और मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाने के लिए देशभर के संगठनों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।

बैठक के दौरान विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने आगामी आंदोलन को लेकर अपने सुझाव रखे। संगठन ने कहा कि 12 नवंबर से प्रस्तावित स्टीयरिंग छोड़ अभियान एवं चक्काजाम के माध्यम से ड्राइवर समाज की मांगों को शासन-प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए ड्राइवर संगठन एवं महासंघों के पदाधिकारी, प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ड्राइवर समाज के लोग उपस्थित रहे।