युद्ध में शामिल होने का दबाव, इनकार पर ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी; 20 दिन से भाई से संपर्क नहीं होने पर बहन ने लगाई गुहार
बिलासपुर। विदेश में नौकरी कर बेहतर भविष्य बनाने का सपना लेकर रूस पहुंचे बिल्हा के एक युवक के कथित तौर पर बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। टेलीग्राम ग्रुप के जरिए नौकरी का झांसा देकर रूस बुलाए गए विनीत कुमार दुबे पर रूसी नागरिकता लेकर युद्ध में शामिल होने का दबाव बनाने का आरोप है। परिजनों के मुताबिक, इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी दी गई। 7 अक्टूबर के बाद से विनीत का परिवार से संपर्क नहीं हो पाया है। भाई की सलामती को लेकर चिंतित बहन आशी दुबे ने सोमवार को बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात कर लिखित आवेदन सौंपा और उसकी सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी।
1 अक्टूबर को पहुंचा था मॉस्को
बिल्हा के वार्ड क्रमांक 3 निवासी विनीत कुमार दुबे 1 अक्टूबर को रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उसे भारतीय दूतावास जाने की अनुमति नहीं दी गई और एक होटल में रोककर रखा गया। परिवार को उम्मीद थी कि नौकरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विनीत काम शुरू करेगा, लेकिन घटनाक्रम ने गंभीर चिंता पैदा कर दी।
आशी दुबे के मुताबिक, मॉस्को में कुछ समय रखने के बाद विनीत को वोल्गोग्राद के इरकुत्स्काया-20 स्थित एक अपार्टमेंट में भेज दिया गया। इसके बाद 7 अक्टूबर की सुबह कुछ लोग उसे कार में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। तब से परिवार का उससे सीधा संपर्क नहीं हो सका है।
युद्ध में शामिल होने का दबाव, इनकार पर प्रताड़ना का आरोप
परिजनों का आरोप है कि विनीत को रूस की नागरिकता लेकर युद्ध में शामिल होने के लिए दबाव डाला जा रहा है। उसके इनकार करने पर मारपीट करने और भोजन नहीं देकर प्रताड़ित करने की बात भी सामने आई है। इतना ही नहीं, उसे ड्रग्स के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दिए जाने का भी आरोप है।
रूस में मौजूद किशोर नाम के एक युवक ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए विनीत के परिजनों को कथित प्रताड़ना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई। हालांकि, विनीत की मौजूदा लोकेशन, उसकी वास्तविक स्थिति और उसके साथ हुई घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
एसएसपी और कलेक्टर से लगाई गुहार
भाई की सुरक्षित वापसी की उम्मीद में आशी दुबे ने सोमवार को एसएसपी रजनेश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए लिखित आवेदन सौंपा और केंद्र सरकार के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की।
एसएसपी रजनेश सिंह ने विदेश मंत्रालय और रूसी दूतावास से पत्राचार कर विनीत की लोकेशन तथा उसकी वर्तमान स्थिति की जानकारी लेने की बात कही है। वहीं, कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि राज्य शासन के गृह विभाग और केंद्र सरकार के माध्यम से रूसी दूतावास से संपर्क किया जा रहा है।
परिवार को सुरक्षित वापसी का इंतजार
विदेश में नौकरी की तलाश में गए युवक से कई दिनों तक संपर्क नहीं होना और उसे युद्ध में शामिल करने के लिए दबाव बनाए जाने के आरोप ने परिवार को चिंता में डाल दिया है। परिजन चाहते हैं कि संबंधित एजेंसियां जल्द से जल्द विनीत की स्थिति का पता लगाएं और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। अब परिवार की निगाहें प्रशासन, विदेश मंत्रालय और रूसी दूतावास की पहल पर टिकी हैं।