दिवंगत पिता की जमापूंजी से दिया 5 लाख का चेक, रकम वापस मांगने पर अपहरण और जान से मारने की धमकी

बिलासपुर। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक रेलकर्मी ने अपनी तलाकशुदा महिला रिश्तेदार से 7 लाख रुपए ठग लिए। आरोपी ने महिला की बेटी को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपए मांगे थे। महिला ने भरोसा करके दिवंगत पिता की जमापूंजी से 5 लाख रुपए का चेक दिया और बाद में 2 लाख रुपए नकद भी सौंप दिए। नौकरी नहीं लगने पर जब उसने रकम वापस मांगी तो आरोपी ने झूठे केस में फंसाने, अपहरण करने और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता की शिकायत पर तारबाहर पुलिस ने धोखाधड़ी और धमकी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

तारबाहर स्थित एफसीआई गोदाम के पास रहने वाली सविता मिश्रा अपनी बेटी के साथ रहती हैं। संतोषी मंदिर, झोपड़ापारा निवासी उनके दूर के रिश्तेदार बलभद्र प्रसाद बाजपेयी रेलवे में कार्यरत हैं। आरोप है कि उन्होंने रेलवे के बड़े अधिकारियों से पहचान होने का दावा करते हुए सविता की बेटी को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसके एवज में 15 लाख रुपए की मांग की गई।

नौकरी की उम्मीद में सविता ने 2 अप्रैल 2025 को सेंट्रल बैंक का 5 लाख रुपए का चेक आरोपी को दिया। यह रकम उनके दिवंगत पिता की जमापूंजी थी। आरोपी ने चेक से रकम निकाल ली। इसके बाद 30 अप्रैल को महिला को रेलवे कार्यालय बुलाकर 2 लाख रुपए नकद भी ले लिए। आरोपी ने तीन महीने के भीतर कॉल लेटर आने का भरोसा दिलाया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी।

रकम मांगने पर देने लगा धमकी

बेटी की नौकरी नहीं लगने पर सविता ने आरोपी से रकम वापस मांगी। आरोप है कि इसके बाद वह टालमटोल करने लगा और महिला को झूठे मामले में फंसाने, अपहरण करने तथा जान से मारने की धमकी देने लगा। पीड़िता लगातार तारबाहर थाने पहुंचकर शिकायत करती रही, लेकिन आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने उसकी शिकायत पर गंभीरता नहीं दिखाई और उसे लौटा दिया गया।

इसके बाद महिला ने एसएसपी राजनेश सिंह से सीधे मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी। एसएसपी के निर्देश पर तारबाहर पुलिस ने आरोपी बलभद्र प्रसाद बाजपेयी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।