प्रशासन और पटवारी संघ के बीच टकराव बढ़ा, संघ भी मांगें पूरी होने तक हड़ताल खत्म नहीं करने पर अड़ा
बिलासपुर। अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे पटवारियों और प्रशासन के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। 20 दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी हड़ताल खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। इधर, प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए पटवारियों को ब्रेक इन सर्विस का नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। इसमें हड़ताल की अवधि को उनकी सेवा अवधि में शामिल नहीं करने की बात कही गई है। इसके विरोध में पटवारी संघ ने बिलासपुर में आदेश की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया। संघ ने साफ कर दिया है कि जब तक प्रदेशभर में पटवारियों पर की गई ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई शून्य नहीं होती और मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक बातचीत भी नहीं होगी।
छत्तीसगढ़ पटवारी संघ के बैनर तले प्रदेशभर के पटवारी वेतनमान की विसंगति दूर करने, पदोन्नति और पीएवी एप के बहिष्कार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। हड़ताल का असर राजस्व विभाग के कामकाज पर पड़ रहा है। सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे जैसे जरूरी मामले अटके हुए हैं। ग्रामीणों को अपने जमीन संबंधी कामों के लिए भटकना पड़ रहा है। इसका असर धान खरीदी की तैयारियों पर भी पड़ रहा है। 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होनी है, लेकिन अभी भी 1711 खसरों का अप्रूवल पटवारियों की आईडी से होना बाकी है। ऐसे में खरीदी की तैयारियों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
मस्तूरी सहित कई जगह जारी हुए नोटिस
प्रशासन की ओर से ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद पटवारियों का विरोध तेज हो गया है। बिलासपुर में संघ के सदस्यों ने आदेश की प्रतियां जलाकर नाराजगी जताई। दूसरे जिलों में भी रैली और सभाओं के माध्यम से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। मस्तूरी में पटवारियों को शोकॉज नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, कोरबा में संघ के एक पदाधिकारी पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
मस्तूरी एसडीएम बजरंग वर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर पटवारियों को नोटिस जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि हड़ताल के दौरान अनुपस्थित रहने की अवधि को उनकी सेवा में नहीं जोड़ा जाएगा। फिलहाल इसके अलावा कोई दूसरी कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदेशभर की कार्रवाई शून्य होने पर ही होगी बात
छत्तीसगढ़ पटवारी संघ के अध्यक्ष भागवत कश्यप ने कहा कि प्रदेश के जिन-जिन जिलों में हड़ताल पर गए पटवारियों के खिलाफ ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई की गई है, पहले उसे शून्य करना होगा। जब तक यह कार्रवाई वापस नहीं ली जाती, संघ प्रशासन से बातचीत भी नहीं करेगा। संघ ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।