
बिलासपुर। डीपी विप्र विधि महाविद्यालय परिसर में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के एक जूनियर छात्र से सीनियर और पूर्व छात्रों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित छात्र की शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी मारपीट की शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि सरकंडा थाना प्रभारी के अनुसार दूसरे पक्ष से मारपीट किए जाने का फिलहाल कोई सबूत नहीं मिला है।
जांजगीर-चांपा निवासी एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के छात्र तुषार दुबे ने शिकायत में आरोप लगाया है कि सीनियर छात्र महेश साहू, अखिलेश साहू और उनके करीब दर्जनभर साथियों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उस पर दबाव बनाया गया। तुषार के प्रदर्शन में बैठने से इनकार करने पर आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और लात-घूंसों से मारपीट की।
बताया गया कि कुछ छात्र वर्ष 2007 में हुई सहायक प्राध्यापक भर्ती में कथित अनियमितता के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। इस संबंध में प्राचार्या को ज्ञापन भी सौंपा गया था। आरोप है कि प्रदर्शन में भीड़ बढ़ाने के लिए जूनियर छात्रों पर शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा था। इसी दौरान तुषार के साथ मारपीट की घटना हुई।
पूर्व छात्रों के कैंपस में आने पर रोक
घटना के बाद कॉलेज के जूनियर और नए छात्रों में दहशत का माहौल है। छात्रों ने आरोप लगाया कि पढ़ाई पूरी कर चुके कुछ बाहरी युवक अब भी कॉलेज परिसर में आकर छात्रों पर दबाव बनाते हैं। पीड़ित छात्र ने मामले की जांच रैगिंग के एंगल से भी करने की मांग की है।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सुषमा तिवारी ने बताया कि कुछ पूर्व छात्र चल रही कक्षा में प्रवेश कर गए थे और नए छात्रों का जबरन परिचय ले रहे थे। शिक्षक द्वारा रोकने पर विवाद की स्थिति बनी। इसके बाद छात्रों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मजबूर किए जाने और विरोध करने पर मारपीट की जानकारी सामने आई।
प्राचार्या ने बताया कि घटना के बाद कॉलेज कमेटी की बैठक बुलाई गई है। बाहरी और पूर्व छात्रों के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। मामले की रिपोर्ट बार काउंसिल को भेजकर संबंधित छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
क्रॉस एफआईआर के लिए थाने पहुंचे दूसरे पक्ष के छात्र
पीड़ित छात्र की शिकायत पर मामला दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद मारपीट के आरोपी बताए जा रहे कुछ छात्र भी देर शाम सरकंडा थाने पहुंचे और अपने पक्ष से शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया। थाना प्रभारी के अनुसार दूसरे पक्ष से मारपीट किए जाने का कोई ठोस सबूत फिलहाल सामने नहीं आया है। पुलिस वायरल वीडियो, शिकायत और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।