बिलासपुर। दूसरे की जमीन का सौदा कर 10 लाख रुपए एडवांस लेने और इसके लिए कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने भारतीय नगर निवासी प्रफुल्ल झा (48) के खिलाफ धोखाधड़ी और दस्तावेजों में कूटरचना के आरोप में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दयालबंद निवासी शिकायतकर्ता विशालचंद्र केसरी के मुताबिक, प्रफुल्ल झा ने अमेरी, मसानगंज और तोरवा की अलग-अलग जमीनों का सौदा 70 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से तय किया था। आरोपी ने जमीनों पर अपना अधिकार बताते हुए अनुबंध किया और यूनियन बैंक के माध्यम से आरटीजीएस से 10 लाख रुपए एडवांस ले लिए।

शिकायत के अनुसार, सौदे में शामिल मौजा अमेरी की खसरा नंबर 232 की जमीन चंद्रकली बाई नाम की मृत आदिवासी महिला के नाम पर दर्ज है। आरोप है कि जमीन के हस्तांतरण के लिए आवश्यक कानूनी अनुमति के बिना ही उसका सौदा किया गया।

जमीन बेचने का अधिकार नहीं होने का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रफुल्ल झा ने जमीनों का सौदा करने के लिए पंजीकृत आम मुख्तियारनामा प्रस्तुत किया था। दस्तावेजों की जांच में कथित तौर पर सामने आया कि संबंधित मुख्तियारनामा जमीन बेचने का अधिकार नहीं देता था और दस्तावेज भी कूटरचित थे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336, 338 और 340 के तहत अपराध दर्ज किया है। बताया गया है कि प्रफुल्ल झा के खिलाफ मई 2026 में भी सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी के आरोप में धारा 420 के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।