बिलासपुर। ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) और गणेश चतुर्थी पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शुक्रवार को जिला कार्यालय में कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक हुई। बैठक में सुरक्षा, यातायात, बिजली, सफाई, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।

ईद-ए-मिलाद 26 अगस्त को मनाया जाएगा, जबकि गणेश चतुर्थी 14 सितंबर से शुरू होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दोनों पर्वों के दौरान सड़क पर पंडाल लगाकर यातायात बाधित करने की अनुमति नहीं होगी। सभी गणेश पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य रहेगा। पंडाल लगाने से पहले संबंधित थाना प्रभारी और एसडीएम से अनुमति लेना भी जरूरी होगा।

तीन घाटों पर होगा गणेश प्रतिमा विसर्जन

गणेश प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए प्रशासन ने तीन अधिकृत घाट निर्धारित किए हैं। इनमें पचरीघाट, सरकंडा पुल के पास स्थित घाट और छठ घाट तोरवा शामिल हैं। समितियों को विसर्जन के लिए निर्धारित रूट और समय की जानकारी पहले से संबंधित थाना प्रभारी को देनी होगी।

प्रशासन ने विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए रूट चार्ट और पार्किंग व्यवस्था पहले से निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। भीड़ को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती और आवश्यक स्थानों पर निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

मिट्टी की प्रतिमाओं पर जोर

बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। गणेश समितियों से मिट्टी की प्रतिमाओं को प्राथमिकता देने की अपील की गई। पंडालों और भंडारों में प्लास्टिक के उपयोग से बचने, दोना-पत्तल का इस्तेमाल करने और पर्याप्त संख्या में डस्टबिन रखने के निर्देश दिए गए।

पंडालों में पर्याप्त स्वयंसेवक तैनात रखने तथा बिजली के तारों और विद्युत व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन ने आयोजन समितियों से सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है।

सड़क पर वाहन रोककर प्रसाद वितरण पर भी रोक

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गणेशोत्सव और मिलाद-उन-नबी के दौरान सड़क घेरकर पंडाल लगाने अथवा वाहन खड़ा कर यातायात रोकने की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह सड़क पर वाहनों को रोककर प्रसाद या अन्य सामग्री का वितरण नहीं किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि दोनों पर्व सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं। इसलिए सभी विभाग और सामाजिक-धार्मिक समितियां आपसी समन्वय से काम करें तथा सुरक्षा, यातायात, बिजली, सफाई और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं समय से पूरी करें।

ईदगाह और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा

नगर निगम को ईदगाह सहित प्रमुख मार्गों और धार्मिक स्थलों के आसपास सफाई तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग को मंदिरों, मस्जिदों, गणेश पंडालों, संवेदनशील क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और विसर्जन घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने को कहा गया है। पर्वों के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी।

26 अगस्त को निकलेगा ईद मिलादुन्नबी का जुलूस

ईद-ए-मिलाद की तैयारियों को लेकर मगरपारा स्थित अंबेडकर स्कूल में मुस्लिम कमेटियों, मस्जिदों के इमाम और समाज के वरिष्ठजनों की बैठक भी हुई। संयोजक शेख नजीरुद्दीन ने बताया कि बैठक में जुलूस को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से निकालने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 26 अगस्त को दोपहर 2:30 बजे जुलूस सत्यम चौक से शुरू होगा। जुलूस तारबाहर चौक, गांधी पुतला और जुना बिलासपुर होते हुए गोल बाजार पहुंचेगा। यहां असर की नमाज अदा की जाएगी। इसके बाद जुलूस जुनी लाइन, कंपनी गार्डन और राजेंद्र नगर चौक होते हुए सिविल लाइन थाना के सामने से ईदगाह पहुंचेगा। ईदगाह में परचम कुशाई के बाद नमाज-ए-मगरिब अदा की जाएगी।

डीजे, आतिशबाजी और अस्त्र-शस्त्र पर रोक

जुलूस में डीजे साउंड, ऑटो, ई-रिक्शा और चार पहिया वाहनों को शामिल नहीं किया जाएगा। जुलूस में अस्त्र-शस्त्र लाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। आतिशबाजी से परहेज करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

बैठक में एडीएम शिवकुमार बनर्जी, एडिशनल कमिश्नर खंजाची कुमार, शांति समिति के सदस्य हबीब मेमन, चंचल सलूजा, मनजीत सिंह अरोरा, विकास शर्मा, विक्रांत केशरवानी, राजेश मिश्रा, प्रबीर सहित प्रशासन, पुलिस और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

प्रशासन ने सभी समितियों और नागरिकों से पर्वों के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करने तथा आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ आयोजन संपन्न कराने की अपील की है।