
पिता ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा शिकायत पत्र, अस्पताल के मृत्यु सूचना-पत्र में सड़क दुर्घटना का उल्लेख; घटना की परिस्थितियों और पुलिसिया कार्रवाई की स्वतंत्र जांच की उठी मांग,,
राजधानी रिपोर्टर/सौरभ साहू कि विशेष रिपोर्ट,
लोकेशन, बैकुंठपुर जिला कोरिया छत्तीसगढ़।।
कोरिया। बैकुंठपुर / दिनांक 3 नवंबर 2026 जिले के राकेश साहू की मौत का मामला अब कई सवालों के घेरे में है। परिजनों ने युवक की मौत की परिस्थितियों को लेकर संदेह जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के पिता रामाधार साहू की ओर से पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया गया है कि घटना के संबंध में अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। परिजनों का कहना है कि मौत की वास्तविक परिस्थितियां सामने आनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या तथ्य छिपाने की आशंका हो तो उसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार मृतक राकेश साहू, पिता रामाधार साहू, उम्र लगभग 21 वर्ष, ग्राम तरगवां, थाना पटना क्षेत्र का निवासी था। बैकुंठपुर स्थित अस्पताल से जारी आकस्मिक मृत्यु सूचना-पत्र में घटना को सड़क दुर्घटना (RTA) से संबंधित बताया गया है। दस्तावेज में 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 5:20 बजे घटना का समय, सुबह 8:40 बजे अस्पताल लाए जाने तथा सुबह 9:30 बजे मृत्यु होने का उल्लेख दर्ज है। अस्पताल की ओर से संबंधित पुलिस थाना को मृत्यु की सूचना भेजे जाने की जानकारी भी इस दस्तावेज में दी गई है।
वहीं मृतक के पिता रामाधार साहू द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायत पत्र में घटना की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने अपने पुत्र की मौत को लेकर संदेह व्यक्त किया है और आरोप लगाया है कि घटना के बाद जिस तरह की कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह अब तक नहीं हुई। परिजनों की मांग है कि शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की बारीकी से जांच की जाए।
अस्पताल के दस्तावेज और परिजनों की शिकायत—दोनों पहलुओं की जांच जरूरी
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अस्पताल के दस्तावेज में सड़क दुर्घटना का उल्लेख है, जबकि परिजन घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में केवल प्रारंभिक सूचना के आधार पर मौत के कारण को अंतिम रूप देना उचित नहीं होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय परीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पुलिस की विवेचना से ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकती हैं।। परिजनों की मांग है कि घटना से संबंधित एफआईआर अथवा मर्ग सूचना, घटनास्थल का पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अस्पताल में भर्ती किए जाने से लेकर मृत्यु तक का पूरा चिकित्सकीय रिकॉर्ड तथा पुलिस की केस डायरी में दर्ज कार्रवाई की जांच की जाए। यदि घटना के समय कोई वाहन या अन्य व्यक्ति मौजूद था, तो उसकी भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की नियमानुसार जांच कराई जाए।
पुलिस की भूमिका पर सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग
परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद उन्हें अब तक ऐसी कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है, जिससे घटना की वास्तविकता स्पष्ट हो सके। इसी वजह से उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले में निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। यह मामला केवल एक युवक की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवार को घटना की सच्चाई जानने और न्याय पाने के अधिकार से भी जुड़ा है। यदि मौत दुर्घटना का परिणाम है तो उसके प्रमाण सामने आने चाहिए और यदि किसी अन्य परिस्थिति या आपराधिक कृत्य की आशंका है तो उसकी भी निष्पक्ष विवेचना होनी चाहिए। फिलहाल उपलब्ध दस्तावेजों और परिजनों की शिकायत के आधार पर मौत के वास्तविक कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। पुलिस और संबंधित चिकित्सा अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आना भी जरूरी है। अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
परिजनों की मांग साफ है— राकेश साहू की मौत की सच्चाई सामने आए, जांच निष्पक्ष हो और यदि कोई दोषी पाया जाए तो उसके विरुद्ध बिना भेदभाव के कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।।