बिलासपुर। सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालकों की मौत और सिर में गंभीर चोट के मामलों को देखते हुए यातायात पुलिस बिलासपुर ने शुक्रवार को बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। जिले के शहरों के प्रमुख एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर विशेष चेकिंग टीम तैनात कर वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक किया गया। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई भी की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया। अभियान के लिए राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की निगरानी में स्थानीय थाना प्रभारियों, यातायात पुलिस के टैंगो और अतिरिक्त पुलिस बल की संयुक्त टीमें बनाई गई थीं।

दुर्घटनाओं की समीक्षा के बाद लिया गया निर्णय

यातायात पुलिस के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं के अवलोकन, विश्लेषण और समीक्षा में सामने आया है कि दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में हेलमेट नहीं पहनने के कारण सिर में गंभीर चोट लगना मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। इसी को देखते हुए एसएसपी ने राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और यातायात के टैंगो को शहर के आउटर क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।

एंट्री-एग्जिट प्वाइंट पर विशेष निगरानी

निर्देश के बाद जिले के प्रमुख मार्गों, शहर के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट तथा आउटर क्षेत्रों में विशेष चेकिंग की गई। पुलिस टीमों ने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट की उपयोगिता और सड़क दुर्घटना में सिर की चोट के गंभीर परिणामों की जानकारी दी। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों को हेलमेट पहनने के लिए समझाइश दी गई और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की गई।

यातायात पुलिस ने दोपहिया वाहन विक्रेताओं को भी चेकिंग वाले स्थानों पर हेलमेट स्टॉल लगाने के लिए आमंत्रित किया, ताकि जिन वाहन चालकों के पास हेलमेट नहीं है, वे मौके पर ही हेलमेट खरीद सकें। पुलिस का उद्देश्य वाहन चालकों में हेलमेट को महज चालानी कार्रवाई से बचने का साधन नहीं, बल्कि अनिवार्य सुरक्षा कवच के रूप में इस्तेमाल करने की आदत विकसित करना है।

2025 में दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं का आंकड़ा 61.6 प्रतिशत

यातायात पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 की सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण में दोपहिया वाहन चालकों से संबंधित दुर्घटनाओं का प्रतिशत 61.6 प्रतिशत रहा। वहीं बिना हेलमेट वाहन चलाने के दौरान हुई मौतों में 66 प्रतिशत मौतें सिर में चोट लगने के कारण हुईं। इन आंकड़ों को देखते हुए पुलिस ने हेलमेट को लेकर अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया है।

यातायात पुलिस ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि दोपहिया वाहन चलाते समय चालक और पीछे बैठने वाला व्यक्ति भी हेलमेट का उपयोग करें। वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित एवं जिम्मेदारी से वाहन चलाएं।

कई अधिकारी और पुलिस टीमें रहीं तैनात

अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे, डीएसपी शिव चरण परिहार, सीएसपी सिविल लाइन परमेश्वर तिलकवार, सीएसपी कोतवाली गगन कुमार, सीएसपी सरकंडा तिलेश्वर यादव, सीएसपी चकरभाठा राजेश जोशी, एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय, एसडीओपी मस्तूरी सुदीप सरकार और प्रोबेशनर डीएसपी आकाश चौधरी शामिल रहे।

इसके अलावा शहर के सभी थाना प्रभारी, यातायात पुलिस के टैंगो, पेट्रोलिंग टीम, क्रेन तथा कार-बाइक लिफ्टर के प्रभारी अधिकारी एवं पुलिस बल ने अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग अभियान में भाग लिया।