
बिलासपुर। गूगल सर्च पर मिले डॉक्टर के नंबर से ऑनलाइन परामर्श लेना एक निजी कंपनी के कर्मचारी को महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने ऑनलाइन पर्ची और रजिस्ट्रेशन के नाम पर पीड़ित से महज 5 रुपए यूपीआई के जरिए ट्रांसफर करवाए। रकम भेजते ही मोबाइल फोन हैंग हो गया और कुछ ही मिनट में उसके बैंक खाते से 95 हजार रुपए दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए। शिकायत के बाद सरकंडा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार बिहार के पटना निवासी प्रवीण कुमार वर्तमान में बिलासपुर के सरकंडा-मोपका क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। 7 जुलाई को उन्होंने ऑनलाइन डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए गूगल पर संबंधित डॉक्टर का मोबाइल नंबर सर्च किया था। सर्च के दौरान मिले नंबर पर उन्होंने कॉल किया।
कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने ऑनलाइन पर्ची बनाने और रजिस्ट्रेशन के लिए 5 रुपए यूपीआई के माध्यम से भेजने को कहा। प्रवीण ने बताए गए तरीके से 5 रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके तुरंत बाद उनका मोबाइल फोन हैंग हो गया। कुछ देर बाद फोन सामान्य होने पर उन्होंने बैंक खाते की जांच की तो उनके होश उड़ गए।
पुलिस के मुताबिक घटना के करीब चार मिनट के भीतर उनके एसबीआई बैंक खाते से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 15 हजार और 80 हजार रुपए, यानी कुल 95 हजार रुपए, यस बैंक के एक खाते में ट्रांसफर किए जा चुके थे।
ठगी का पता चलने के बाद प्रवीण कुमार ने तत्काल साइबर अपराध की हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने सरकंडा थाने में भी शिकायत की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
गूगल पर मिले नंबर पर भी सावधानी जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन डॉक्टर का नंबर या अन्य जरूरी सेवाओं के संपर्क नंबर गूगल पर खोजते समय सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। साइबर ठग अक्सर सर्च इंजन पर मौजूद नंबरों अथवा फर्जी प्रोफाइल का इस्तेमाल कर लोगों से संपर्क करते हैं। छोटी रकम के भुगतान के बहाने मोबाइल या बैंकिंग से जुड़ी जानकारी हासिल कर ठगी की कोशिश की जा सकती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन डॉक्टर, बैंक, कस्टमर केयर या किसी अन्य सेवा का नंबर प्राप्त करने के लिए संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय माध्यम का ही उपयोग करें। अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप इंस्टॉल न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने से रकम को होल्ड कराने की संभावना बढ़ जाती है।