
मुंगेली। ग्राम नेवासपुर में 17 वर्षीय नाबालिग बालिका की हत्या के मामले में दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस की ओर से लगाए गए रिविजन आवेदन पर अपर सत्र न्यायालय ने सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कराया गया।
मामला 19 अक्टूबर की रात का है। ग्राम नेवासपुर में 17 वर्षीय बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। अगले दिन इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि ग्राम लिलवाकापा निवासी अजीत घृतलहरे (22) को बालिका के साथ प्रेम संबंध होने और उसके किसी दूसरे युवक से बातचीत करने का शक था। इसी बात को लेकर वह 19 अक्टूबर की रात नेवासपुर पहुंचा और बालिका का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना में उसके साथी साहिल खाण्डे (20) की भूमिका भी सामने आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालिका की मौत दम घुटने से होना बताया गया।
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया था। इसके बाद पुलिस ने अपर सत्र न्यायालय में रिविजन आवेदन प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के दौरान डीपीओ जायिता सिंह और लोक अभियोजक रजनीकांत ठाकुर ने पुलिस की ओर से पक्ष रखा। न्यायालय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया।
30 अक्टूबर को अजीत घृतलहरे पिता शिवकुमार और साहिल खाण्डे पिता दिलीप, दोनों निवासी ग्राम लिलवाकापा को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।