रतनपुर-खूंटाघाट के लिए 8, कोटा 7 और कानन पेंडारी-तखतपुर रूट पर 6 बसें; 419 किमी का बनेगा ई-बस नेटवर्क, किराया सिटी बस से कम रखने की तैयारी

बिलासपुर। शहर और आसपास के गांव-कस्बों के बीच सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में ई-बस सेवा दिसंबर से शुरू होने की तैयारी है। निगम ने लोगों से मिले सुझावों के आधार पर 50 ई-बसों के लिए 15 रूट निर्धारित किए हैं। इन रूटों का कुल नेटवर्क करीब 419 किलोमीटर होगा। खास बात यह है कि नई व्यवस्था में केवल बिलासपुर शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के प्रमुख गांव-कस्बों को भी सीधे जोड़ा जाएगा।

ई-बस सेवा शुरू होने के बाद रोज नौकरी, पढ़ाई, इलाज, कारोबार और खरीदारी के लिए बिलासपुर आने वाले लोगों को निजी वाहन, ऑटो या महंगी सवारी पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। पहले चलने वाली सिटी बसों का नेटवर्क करीब 324 किलोमीटर और 10 रूट तक सीमित था। अब रूटों की संख्या बढ़ाकर 15 और नेटवर्क को 419 किलोमीटर तक किया जा रहा है।

रेलवे स्टेशन बनेगा प्रमुख केंद्र

ई-बस सेवा का प्रमुख केंद्र बिलासपुर रेलवे स्टेशन रहेगा। यहां से शहर के अलग-अलग हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों के लिए बसें संचालित होंगी। यात्रियों की संख्या और आवागमन को ध्यान में रखते हुए प्रमुख रूटों पर बसों की संख्या भी तय की गई है।

रतनपुर-खूंटाघाट रूट पर सबसे ज्यादा 8 बसें, जबकि कोटा के लिए 7, कानन पेंडारी-तखतपुर के लिए 6 और मस्तूरी-मल्हार रूट पर 5 बसें प्रस्तावित हैं। इससे इन क्षेत्रों से प्रतिदिन बिलासपुर आने वाले विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और मरीजों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

57 किमी का नेवसा-जाली सबसे लंबा रूट

ई-बस नेटवर्क में अलग-अलग दूरी के रूट शामिल किए गए हैं। इनमें बिलासपुर-नेवसा-जाली रूट करीब 57 किलोमीटर का सबसे लंबा रूट होगा। वहीं बिलासपुर-तखतपुर रूट करीब 45 किलोमीटर का रहेगा। यह रूट हाईकोर्ट, परसदा, बेलमुंडी और बाइपास क्षेत्र से होकर जाएगा।

इसके अलावा चकरभाठा से रेलवे स्टेशन, बिलासपुर से अपोलो अस्पताल, उसलापुर स्टेशन से बिलासपुर स्टेशन, बिरकोना से बिलासपुर स्टेशन और सेंदरी से बिलासपुर स्टेशन जैसे रूट भी प्रस्तावित किए गए हैं। सीपत क्षेत्र को भी रेलवे स्टेशन से जोड़ने की योजना है।

अपोलो अस्पताल और हाईकोर्ट तक भी सीधी कनेक्टिविटी

ई-बसों के रूट में शहर के महत्वपूर्ण संस्थानों और प्रमुख स्थानों को भी शामिल किया गया है। अपोलो अस्पताल, हाईकोर्ट, महाराणा प्रताप चौक, परसदा और रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख स्थान ई-बस नेटवर्क से जुड़ेंगे।

बिलासपुर-अपोलो अस्पताल रूट पर 2 बसें प्रस्तावित हैं। वहीं हाईकोर्ट होकर तखतपुर जाने वाले रूट पर भी बसों का संचालन किया जाएगा। इससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के साथ हाईकोर्ट आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी।

किराया सिटी बस से 5 से 10 रुपए कम रखने की संभावना

ई-बस सेवा का एक बड़ा फायदा किराए में भी मिलने की उम्मीद है। हालांकि अभी किराया आधिकारिक रूप से तय नहीं हुआ है, लेकिन इसे मौजूदा सिटी बस के किराए से कम रखने की तैयारी है। अनुमान के मुताबिक 5 से 10 रुपए तक किराया कम हो सकता है।

वर्तमान में बिलासपुर से कोटा का सिटी बस किराया करीब 30 से 40 रुपए, तखतपुर का 25 से 30 रुपए और रतनपुर का करीब 30 रुपए है। ई-बस का किराया कम होने पर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी।

15 रूट, 50 बसें और 419 किमी नेटवर्क

ई-बस सेवा के लिए तैयार रूट प्लान के अनुसार कुल 15 रूट पर 50 बसें संचालित की जाएंगी। बसों की टाइमिंग को लेकर फिलहाल सूची तैयार की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही समय-सारणी जारी की जाएगी।

नोडल अफसर अनुपम तिवारी ने बताया कि 15 रूटों पर 50 ई-बसें चलाने के लिए रूट चार्ट तैयार कर लिया गया है। जल्द ही टाइमिंग की सूची जारी की जाएगी।