
बिलासपुर। कोनी थाना क्षेत्र के नवगवां निवासी शंकर दयाल सूर्यवंशी ने अपनी पत्नी और कुछ अन्य लोगों पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने, आर्थिक प्रलोभन देने तथा बच्चों के अपहरण की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने 24 अगस्त को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर के नाम आवेदन सौंपकर मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।
शंकर दयाल ने बताया है कि वर्ष 2017 में उनका विवाह गोदावरी सूर्यवंशी से सामाजिक एवं सनातन रीति-रिवाज से हुआ था। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें दो पुत्र और एक पुत्री शामिल हैं। उनका आरोप है कि उनकी पत्नी पिछले दो-तीन वर्षों से ईसाई धर्म से जुड़े कुछ लोगों के संपर्क में है और उसने सनातन धर्म की परंपराओं तथा देवी-देवताओं को छोड़कर ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया है।
शंकर दयाल का आरोप है कि उनकी पत्नी कई बार स्वेच्छा से घर से चली गई और तलाश करने पर एक बार जगदलपुर की चर्च में मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनकी पत्नी को घर से जाने में सहयोग किया तथा इस पूरे मामले में मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध की आशंका है।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने उन्हें आर्थिक लाभ का लालच देकर परिवार सहित ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया। आरोप है कि ऐसा नहीं करने पर उनके तीनों बच्चों का अपहरण कर उन्हें विदेशी चर्च भेजने की धमकी भी दी गई। शंकर दयाल ने दावा किया है कि इस तरह की धमकियां दिए जाने की जानकारी कुछ अन्य लोगों को भी है।
शंकर दयाल का आगे आरोप है कि जब उन्होंने कथित प्रलोभन और धमकियों के बावजूद धर्म परिवर्तन से इनकार किया तो उनके खिलाफ झूठी शिकायतें कर आपराधिक मामलों में फंसाने और जेल भेजने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है।
प्रार्थी ने अपने आवेदन में धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026 सहित बीएनएस की अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज करने का अनुरोध किया है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और मामले में किसी अपराध के घटित होने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।