
मंदिरों में होगी विशेष पूजा-अर्चना, सराफा, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक और ऑटोमोबाइल बाजार में रौनक; खरीदारी के लिए सुबह 10:30 बजे से अगले दिन सुबह 6:37 बजे तक शुभ समय
बिलासपुर। पांच दिवसीय दीपोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार 6 नवंबर को धनतेरस के साथ हो रहा है। इस बार धनतेरस पर करीब 84 साल बाद शुक्र प्रदोष का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार को धनतेरस और प्रदोष व्रत का एक साथ होना विशेष फलदायी माना जाता है। इस अवसर पर मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की जाएगी। बाजारों में भी पर्व को लेकर रौनक है। सराफा, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक और ऑटोमोबाइल कारोबारियों ने विशेष तैयारियां की हैं।
धनतेरस को धन त्रयोदशी भी कहा जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान इसी दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उनके हाथों में अमृत से भरा कलश और आयुर्वेद का ज्ञान था। इसी कारण भगवान धन्वंतरि को आरोग्य और चिकित्सा का देवता माना जाता है। धनतेरस पर उनकी पूजा कर परिवार की अच्छी सेहत और दीर्घायु की कामना की जाती है। वहीं समुद्र मंथन से मां लक्ष्मी के प्राकट्य की मान्यता भी इस पर्व को धन और समृद्धि से जोड़ती है। इसी वजह से इस दिन मां लक्ष्मी के साथ धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है।
धनतेरस पर नई वस्तुओं की खरीदारी को शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सोना-चांदी, बर्तन, वाहन और अन्य उपयोगी सामान खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है। विशेष रूप से धातु के बर्तन खरीदने की परंपरा है। लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार सोने-चांदी के आभूषण, पीतल, तांबे और कांसे के बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान तथा वाहन खरीदते हैं। इसे नए सामान के साथ घर में शुभता और समृद्धि के आगमन का प्रतीक माना जाता है।
अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति के लिए जलाते हैं यम दीप
धनतेरस पर खरीदारी और लक्ष्मी-कुबेर पूजन के साथ यम दीपदान की भी विशेष परंपरा है। पीतांबरा पीठ के पीठाधीश्वर आचार्य दिनेश महाराज के अनुसार, सूर्यास्त के बाद यमराज के निमित्त दीपदान किया जाता है। घर के मुख्य द्वार और तुलसी के पौधे के समीप दक्षिण दिशा की ओर मुख करके चौमुखा मिट्टी या आटे का दीपक सरसों के तेल से जलाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यम दीपदान से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
मंदिरों में धन्वंतरि का अभिषेक और विशेष श्रृंगार
धनतेरस पर शहर के मंदिरों में भी विशेष आयोजन होंगे। लक्ष्मी नारायण मंदिर में सुबह धन्वंतरि मंत्रोच्चार के साथ औषधियों से महालक्ष्मी और भगवान नारायण का अभिषेक किया जाएगा। व्यंकटेश मंदिर, हरदेवलाल मंदिर और तिफरा स्थित काली मंदिर में भी पूजा-अर्चना होगी। श्रद्धालु भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर की आराधना कर सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करेंगे।
20 घंटे से अधिक खरीदारी का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषीय गणना के अनुसार 6 नवंबर की सुबह 10:30 बजे से 7 नवंबर की सुबह 6:37 बजे तक खरीदारी का शुभ समय रहेगा। इस दौरान सोना, चांदी, पीतल के बर्तन, वाहन, भूमि और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना शुभ माना गया है। धनतेरस पर प्रदोष काल शाम 5:32 से रात 8:09 बजे तक रहेगा। वृषभ लग्न शाम 6:02 से रात 7:57 बजे तक है। मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा के लिए यही मुख्य मुहूर्त रहेगा। इसकी कुल अवधि 1 घंटा 55 मिनट है।
बाजार में ऑफर और नई वैरायटी की धूम
धनतेरस को लेकर शहर के बाजारों में भी उत्साह दिखाई दे रहा है। बर्तन दुकानों में स्टील के अलावा तांबे और कांसे के बर्तनों की विभिन्न रेंज और डिजाइन उपलब्ध हैं। कुछ व्यापारियों ने पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन देने के लिए एक्सचेंज ऑफर भी शुरू किए हैं। सराफा बाजार में सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी के लिए ग्राहक पहुंच रहे हैं।
इलेक्ट्रॉनिक बाजार में सजावटी लाइट, झूमर और घरेलू उपकरणों की नई वैरायटी आकर्षण का केंद्र है। एसी, फ्रिज, कूलर और डिशवॉशर सहित कई उत्पादों पर विशेष ऑफर दिए जा रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार अब घरेलू उपकरणों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है। टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन और डिशवॉशर जैसे उपकरण जरूरत और समय के अनुसार ऑटोमैटिक तरीके से काम कर रहे हैं। इसके चलते ग्राहक पुराने उपकरणों को अपडेट करने में रुचि दिखा रहे हैं।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में 20 फीसदी ग्रोथ, 1500 गाड़ियों की डिलीवरी का अनुमान
धनतेरस और दीपावली के अवसर पर ऑटोमोबाइल बाजार में भी अच्छी मांग है। कारोबारियों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इस साल सेक्टर में करीब 20 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग में विशेष तेजी है और कुछ मॉडलों पर एक महीने तक की वेटिंग चल रही है। ग्राहकों ने पहले से बुकिंग करा रखी है। कारोबारियों का अनुमान है कि धनतेरस और दीपावली के दौरान करीब 1500 वाहनों की डिलीवरी होगी।