यूपीआई और एटीएम से चंद मिनटों में निकाली जाती थी रकम; सकरी निवासी उपेंद्र सिंह पर धोखाधड़ी का आरोप

बिलासपुर। धार्मिक यात्रा और सेवा समिति के नाम पर संचालित बैंक खाते के जरिए देशभर में साइबर ठगी की रकम खपाने का मामला सामने आया है। जांच में खाते से 18 अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों का कनेक्शन मिला है। इस मामले में सकरी के आसमां सिटी निवासी उपेंद्र सिंह के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि ठगी की रकम खाते में जमा होने के बाद यूपीआई और एटीएम के जरिए निकाल ली जाती थी या दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी।

पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर से लेयर-01 के संदिग्ध म्यूल खातों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद बिलासपुर पुलिस और सकरी थाना पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के साइबर समन्वय पोर्टल पर संदिग्ध खातों की जांच की। इस दौरान बैंक ऑफ महाराष्ट्र की सकरी शाखा, हाफा रोड में संचालित एक संदिग्ध बैंक खाता सामने आया।

जांच में पता चला कि यह खाता श्रीधाम यात्रा सेवा समिति के नाम पर संचालित है। इसके प्रोपराइटर आसमां सिटी होम्स, सकरी निवासी उपेंद्र सिंह, पिता विजय शंकर सिंह हैं। साइबर पोर्टल पर खाते की जांच करने पर देश के अलग-अलग राज्यों से साइबर ठगी की 18 से अधिक शिकायतें इससे जुड़ी मिलीं।

खाते में रकम आते ही निकालने का आरोप

पुलिस के अनुसार, बैंक स्टेटमेंट के विश्लेषण में सामने आया कि लोगों को अलग-अलग तरह के प्रलोभन देकर ठगी की रकम सीधे इस खाते में जमा कराई जाती थी। इसके बाद रकम को यूपीआई और एटीएम के माध्यम से तुरंत निकाल लिया जाता था या अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। इस तरह संदिग्ध खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को खपाने के लिए किए जाने का आरोप है।

सकरी पुलिस ने उपेंद्र सिंह और उसके साथियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और बेईमानी से चोरी की संपत्ति छिपाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।