गिरवी रखने के नाम पर कराया मुख्तारनामा, फिर दूसरे व्यक्ति को बेच दी जमीन; कोर्ट के आदेश पर 1 साल बाद FIR
बिलासपुर। जरूरत के वक्त किसान को 1.50 लाख रुपए उधार देना और बदले में उसकी पौने दो एकड़ पैतृक जमीन गिरवी रखना भारी पड़ गया। आरोप है कि उधार देने वाले ने किसान को दस्तावेज अधिकृत कराने का झांसा देकर पूरी जमीन का मुख्तारनामा अपने नाम करा लिया और बाद में दूसरे व्यक्ति को बेच दिया। मामले में कोटा पुलिस ने 2 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक साजिश का अपराध दर्ज किया है।
मामला कोटा थाना क्षेत्र के नेवसा गांव का है। किसान केदारनाथ यादव (51) के नाम खसरा नंबर 141/1, 142 और 251 में करीब पौने दो एकड़ जमीन दर्ज थी। पारिवारिक जरूरत के चलते उन्होंने संजय कुमार शर्मा से 1.50 लाख रुपए उधार लिए थे। इसके बदले अपनी जमीन गिरवी रखकर रहननामा बनवाया था।
आरोप है कि 7 जनवरी 2025 को संजय शर्मा दस्तावेजों को अधिकृत कराने का झांसा देकर केदारनाथ को उप पंजीयक कार्यालय ले गया। वहां उसने पूरी जमीन का मुख्तारनामा अपने नाम करा लिया। इसके बाद 15 मई 2025 को चांपा निवासी अजय कुमार सोनी को जमीन बेच दी। बिक्री की रकम भी संजय ने अपने पास रख ली। किसान को इस धोखाधड़ी का पता तब चला, जब उसने जमीन का बी-1 निकलवाया। उसमें जमीन दूसरे के नाम दर्ज मिली।
पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, कोर्ट पहुंचा किसान
जमीन दूसरे के नाम होने की जानकारी मिलने पर किसान ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन करीब 1 साल तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, कोटा की अदालत में परिवाद पेश किया। 28 अक्टूबर 2026 को अदालत ने 16 नवंबर की पेशी से पहले एफआईआर दर्ज करने और चार्जशीट दाखिल करने का अंतिम आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने संजय कुमार शर्मा और अजय कुमार सोनी के खिलाफ मामला दर्ज किया।