बिलासपुर। ड्यूटी से बार-बार गैरहाजिर रहने और अनुशासनहीनता के मामले में बिलासपुर पुलिस के आरक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। एसएसपी रजनेश सिंह ने रक्षित केंद्र पुलिस लाइन के आरक्षक क्रमांक 343 दिनेश प्रधान को पुलिस सेवा से अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है।
जानकारी के अनुसार आरक्षक दिनेश प्रधान को 29 नवंबर 2023 को बीजापुर डाक वितरण ड्यूटी पर भेजा गया था। ड्यूटी पर रवाना होने के बाद वह बिना किसी सूचना के लगातार 32 दिनों तक अनुपस्थित रहा और 3 जनवरी 2024 को वापस ड्यूटी पर लौटा। इसके बाद भी उसके रवैये में सुधार नहीं हुआ।
इसी तरह आरक्षक को पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) मैनपाट भेजा गया था। वहां से अपनी मूल इकाई में वापस लौटने के दौरान भी वह बिना सूचना के 22 दिनों तक अनुपस्थित रहा। इस तरह दोनों मामलों में उसकी कुल 54 दिनों की अनधिकृत गैरहाजिरी सामने आई।
44 इनाम, 21 छोटी और 4 बड़ी सजा
विभागीय जांच में आरक्षक के पूरे सेवाकाल का रिकॉर्ड भी सामने आया। 20 अगस्त 1987 को पुलिस विभाग में भर्ती हुए दिनेश प्रधान को सेवाकाल के दौरान 44 बार इनाम दिया गया, लेकिन इसके साथ ही उसे 21 छोटी और 4 बड़ी सजाएं भी मिल चुकी थीं। लगातार अनुशासनहीनता के बावजूद उसके व्यवहार में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
मामले की विभागीय जांच डीएसपी अनिता प्रभा मिंज ने की। जांच में आरक्षक के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए। विभाग की ओर से उसे नोटिस जारी कर जवाब देने का अवसर भी दिया गया, लेकिन आरक्षक ने अपना कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया।
लगातार अनुपस्थिति, पूर्व में की गई विभागीय कार्रवाई और अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने आरक्षक दिनेश प्रधान के खिलाफ अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई की है। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता करने वाले कर्मचारियों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।