तिलकनगर से विस्थापित हुए थे 300 परिवार, इमलीभाठा के बजाय पुराने स्थान पर बसाने की मांग

बिलासपुर। तिलकनगर के करीब 300 विस्थापित परिवारों को छह साल बाद भी पुनर्वास का इंतजार है। अपनी मांग को लेकर प्रभावित परिवारों ने 13 दिन के भीतर दूसरी बार विधायक अमर अग्रवाल से गुहार लगाई। शनिवार को तिलकनगर मंदिर के कार्यक्रम में पहुंचे विधायक के सामने परिवारों ने अपनी समस्याएं रखीं और उन्हें उसी स्थान पर बसाने की मांग की, जहां से उन्हें हटाया गया था।

प्रभावित परिवारों के अनुसार, 5 अक्टूबर को भी वे विधायक के बंगले पहुंचे थे और पुनर्वास की मांग रखी थी। उस समय अधिकारियों से चर्चा कर दो दिन में जवाब देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। परिवारों का कहना है कि हर बार टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और फंड उपलब्ध होने के बाद आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया जाता है, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिली है।

इमलीभाठा के मकानों की हालत जर्जर

स्थानीय निवासी अंकुश ठाकुर ने बताया कि इमलीभाठा में दिए गए कई मकान जर्जर हालत में हैं। क्षेत्र में नशे का प्रचलन बढ़ने से भी परिवार बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। प्रभावितों की मांग है कि उन्हें इमलीभाठा के बजाय तिलकनगर में उसी स्थान पर बसाया जाए, जहां वे पहले रहते थे।

कोरोना काल में हटाए गए थे परिवार

तिलकनगर में श्रीराम मंदिर के पीछे नदी किनारे रहने वाले इन परिवारों को करीब छह साल पहले कोरोना काल के दौरान बारिश के समय हटाया गया था। प्रभावित परिवारों के मुताबिक, उस समय प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाकर देने का भरोसा दिया गया था। लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी पुनर्वास की मांग पूरी नहीं हुई है। अब परिवार एक बार फिर जनप्रतिनिधियों से अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।