जिले के 15 स्टॉकिस्ट निगरानी के दायरे में, कलेक्टर करेंगे व्यवस्था की मॉनिटरिंग

चीनी की जमाखोरी पर नियंत्रण रखने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापारियों के भंडारण की सीमा तय कर दी है। अब कोई भी व्यापारी एक समय में 1000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। इसके अलावा स्टॉक प्राप्त होने की तारीख से 15 दिन से अधिक समय तक चीनी का भंडारण करने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

केंद्र सरकार के संशोधित आदेश के बाद छत्तीसगढ़ के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत चीनी के डीलर, व्यापारी, थोक विक्रेता, आयातक और मिलरों को केंद्र सरकार के स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। सभी संबंधित व्यापारिक संस्थानों को अपने स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। प्रत्येक शुक्रवार को स्टॉक की अद्यतन जानकारी अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।

जांच में अधिक स्टॉक मिला तो होगी कार्रवाई

खाद्य संचालनालय ने कलेक्टरों को चीनी व्यापारियों की बैठक लेकर नई भंडारण सीमा और नियमों की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राजस्व और खाद्य विभाग के अधिकारियों को संबंधित व्यापारिक संस्थानों की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। जांच के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक मिलने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिले में चीनी के 15 स्टॉकिस्ट पंजीकृत हैं। खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर के अनुसार, ये स्टॉकिस्ट अधिकतम 1000 क्विंटल चीनी का भंडारण कर सकेंगे और उन्हें हर सप्ताह अपने स्टॉक का हिसाब देना होगा।