
शहर में 20 से अधिक स्थानों पर होगा सामूहिक पूजन, सुहागिनें पति की दीर्घायु के लिए रखेंगी निर्जला व्रत; बाजारों में करवा और श्रृंगार सामग्री की खरीदारी तेज
बिलासपुर। अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना का पर्व करवा चौथ गुरुवार, 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस बार बुधादित्य योग के संयोग के बीच सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। करवा चौथ के साथ संकष्टी चतुर्थी होने से भगवान गणेश की आराधना भी की जाएगी। शहर में रात करीब 8:53 बजे चंद्रोदय का अनुमान है, लेकिन अर्नब चक्रवात के प्रभाव से क्षेत्र में बारिश और आसमान में बादल छाए रहने के कारण चंद्र दर्शन को लेकर महिलाओं की चिंता बढ़ गई है। दिनभर मौसम की स्थिति पर नजर रहेगी, क्योंकि व्रत का पारण चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही किया जाएगा।
करवा चौथ को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। घरों की छतों और आंगनों से लेकर कॉलोनियों, टाउनशिप, होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन और मंदिरों तक में सामूहिक पूजन की तैयारियां की गई हैं। शहर में 20 से अधिक स्थानों पर महिलाएं एकत्र होकर करवा माता की पूजा करेंगी, व्रत कथा सुनेंगी और चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलेंगी। पंजाबी महिला समिति, अग्रसेन महासभा, अग्रवाल समाज और विभिन्न महिला संगठनों की ओर से भी आयोजन किए जा रहे हैं।
मंदिरों में सामूहिक पूजन और व्रत कथा
शहर के व्यंकटेश मंदिर, घोंघा बाबा मंदिर, तिलक नगर स्थित श्रीराम मंदिर और हरदेव लाल मंदिर में शाम 4 बजे से सामूहिक पूजन और व्रत कथा का आयोजन होगा। इनमें बड़ी संख्या में महिलाओं के शामिल होने की संभावना है। पूजा के दौरान करवा माता की आराधना के साथ भगवान गणेश का पूजन भी किया जाएगा। महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखकर शाम को निर्धारित मुहूर्त में पूजा करेंगी और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी।
बाजारों में करवा और श्रृंगार सामग्री की खरीदारी
पर्व से पहले गोलबाजार, शनिचरी बाजार और पुराना बस स्टैंड सहित शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं करवा, पूजा सामग्री, साड़ी, चूड़ियां, बिंदी, मेहंदी और अन्य श्रृंगार सामग्री खरीद रही हैं। उपहार की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। बर्तन कारोबारियों के अनुसार, इस बार बर्तनों की कीमतों में 40 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। फूल धातु का करवा पिछले वर्ष 700 से 800 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, जबकि इस बार इसकी कीमत बढ़कर 1000 से 1100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
शाम 5:51 से 7:07 बजे तक पूजन का मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, करवा पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:51 बजे से 7:07 बजे तक रहेगा। चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को सुबह 1:08 बजे से रात 10:11 बजे तक बताई गई है। शहर में चंद्रोदय रात करीब 8:53 बजे होने का अनुमान है। सुबह 6:49 बजे सूर्योदय से रात 8:53 बजे चंद्रोदय तक व्रत की अवधि लगभग 14 घंटे रहेगी। महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देने और छलनी से चंद्र दर्शन करने के बाद व्रत का पारण करेंगी।
बादलों ने बढ़ाई चिंता, चंद्र दर्शन के लिए मौसम पर नजर
इस बार करवा चौथ पर मौसम भी महिलाओं की चिंता का कारण बना हुआ है। अर्नब चक्रवात के प्रभाव से क्षेत्र में बारिश और आसमान में बादल छाए रहने के कारण रात में चंद्रमा दिखाई देने को लेकर संशय है। व्रत रखने वाली महिलाएं उम्मीद कर रही हैं कि शाम तक मौसम साफ हो जाए और उन्हें चंद्र दर्शन का अवसर मिल सके। हालांकि, चंद्रमा के उदय का निर्धारित समय और उसका बादलों के बीच दिखाई देना अलग-अलग बातें हैं। चंद्रोदय के अनुमानित समय पर भी यदि आसमान में घने बादल रहे, तो चंद्र दर्शन में देरी हो सकती है।
अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, करक चतुर्थी का व्रत अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से जुड़ा है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को इस व्रत का महत्व बताया था। इस दिन महिलाएं करवा माता की पूजा कर पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली की कामना करती हैं। संकष्टी चतुर्थी होने के कारण भगवान गणेश की पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा।