बिलासपुर। भुवनेश्वर में आयोजित 52वीं जूनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में बिलासपुर की तैराक शिवांगिनी पांडेय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 100 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीत लिया। इससे पहले वह 50 मीटर बटरफ्लाई में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर चुकी हैं। इस तरह शिवांगिनी एक ही जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में दो पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की पहली तैराक बन गई हैं।
18 से 23 अगस्त तक आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से करीब 2000 तैराक हिस्सा ले रहे हैं। शनिवार को 100 मीटर बटरफ्लाई के मुकाबले में शिवांगिनी ने पहले हीट राउंड में 1:05.55 मिनट का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया और फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
फाइनल मुकाबले में उन्होंने अपनी टाइमिंग में और सुधार करते हुए 1:04.34 मिनट का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया। प्रतियोगिता में कर्नाटक की तानिशी गुप्ता ने 1:01.32 मिनट का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। बताया गया कि तानिशी विदेश में तैराकी का प्रशिक्षण ले रही हैं।
छह साल में पहली बार छत्तीसगढ़ को पदक
इस चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ के तैराक पिछले कई वर्षों से हिस्सा लेते रहे हैं, लेकिन पदक हासिल नहीं कर सके थे। वर्ष 2020 से 2025 के बीच प्रदेश के 35 से अधिक तैराक प्रतियोगिता में उतरे, लेकिन मेडल नहीं जीत पाए। इस वर्ष छत्तीसगढ़ से कुल 18 तैराकों ने प्रतियोगिता में भाग लिया, जिनमें केवल शिवांगिनी ही पदक जीतने में सफल रहीं।
शिवांगिनी इससे पहले चार दिन पहले 50 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। दो स्पर्धाओं में पदक जीतकर उन्होंने प्रदेश के तैराकी जगत में नई उपलब्धि दर्ज की है।
अब सीबीएसई स्कूल गेम्स में गोल्ड पर नजर
कंस्ट्रक्शन कॉलोनी निवासी शंकर पांडेय और पूनम पांडेय की बेटी शिवांगिनी रेलवे नंबर-1 स्कूल में कक्षा 11वीं की छात्रा हैं। उनके प्रदर्शन में रेलवे प्रशासन के सहयोग को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डीआरएम राकेश रंजन और वरिष्ठ मंडल खेल अधिकारी अनुराग सिंह ने शिवांगिनी को उपलब्धि पर बधाई दी है।
शिवांगिनी के कोच हेमंत परिहार ने बताया कि फाइनल में उन्होंने हीट राउंड की तुलना में अपनी टाइमिंग में सुधार किया और बेहतर प्रदर्शन करते हुए सिल्वर पदक हासिल किया। अब शिवांगिनी की नजर सीबीएसई स्कूल गेम्स की राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने पर है।
तैराकी में सुविधाएं बढ़ाने की मांग
शिवांगिनी की सफलता के बाद शहर के खेल प्रेमियों ने तैराकी के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत बताई है। खिलाड़ियों का कहना है कि क्रिकेट, हॉकी, तीरंदाजी सहित कई खेलों के लिए अकादमी और प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसी तरह तैराकी के खिलाड़ियों के लिए भी बेहतर प्रशिक्षण, कोचिंग और संसाधन उपलब्ध होने चाहिए।
शिवांगिनी रविवार को बिलासपुर लौटेंगी। उनकी उपलब्धि को देखते हुए खेल संघ के पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों द्वारा उनके स्वागत की तैयारी की जा रही है।