त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता जांचने खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बुधवार को जिले में दो स्थानों पर कार्रवाई की। जांच में मेला पारा में बिना खाद्य पंजीयन के अस्वच्छ वातावरण में बताशे बनाने का मामला सामने आया। वहीं, चकरभाठा की एक मिठाई दुकान में बूंदी तैयार करने के लिए अखाद्य रंग का इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों से कुल 132 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई। साथ ही अवैध बताशा निर्माण इकाई को बंद करा दिया।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने सबसे पहले मेला पारा स्थित वीर जायसवाल के बताशा निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। यहां बिना वैध खाद्य पंजीयन के बताशे बनाए जा रहे थे। निर्माण स्थल पर साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब थी और अस्वच्छ वातावरण में खाद्य सामग्री तैयार की जा रही थी। इसे जनस्वास्थ्य के लिए खतरा मानते हुए अधिकारियों ने मौके पर मौजूद 110 किलो बताशे नष्ट करा दिए। साथ ही निर्माण इकाई को तत्काल बंद करा दिया। इससे पहले खाद्य विभाग चांटीडीह और शनिचरी स्थित बताशा दुकानों में भी कार्रवाई कर चुका है।

इसके बाद टीम ने चकरभाठा स्थित उधमदास खेमचंद मिठाई वाला प्रतिष्ठान के किचन की जांच की। यहां बूंदी तैयार करने में नॉन फूड ग्रेड कलर यानी अखाद्य रंग का इस्तेमाल किया जा रहा था। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद 22 किलो बूंदी नष्ट करा दी।

सैंपल जांच के लिए भेजे

टीम ने चिंगराजपारा स्थित एक अन्य बताशा निर्माण फर्म का भी निरीक्षण किया, लेकिन वहां निर्माण कार्य बंद मिला। इसके अलावा संदिग्ध प्रतिष्ठानों से बेसन के लड्डू और बताशे के नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।