करण गोयल को अंतरिम राहत, लेकिन आपत्तिजनक पोस्ट हटानी होंगी; भविष्य में ऐसी सामग्री पोस्ट नहीं करने की भी शर्त

बिलासपुर। बिना पूर्व नोटिस और कारण बताए फेसबुक अकाउंट ब्लॉक किए जाने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता करण गोयल को अंतरिम राहत दी है। हाईकोर्ट ने मेटा, केंद्र और राज्य सरकार को उनका फेसबुक अकाउंट बहाल करने का निर्देश दिया है। हालांकि, अकाउंट की बहाली कुछ शर्तों के साथ की जाएगी। याचिकाकर्ता को अपने अकाउंट पर मौजूद आपत्तिजनक सामग्री हटानी होगी और भविष्य में इस तरह की कोई पोस्ट नहीं करने का निर्देश दिया गया है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने 29 अक्टूबर को सुनवाई के बाद यह आदेश दिया।

याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उनका फेसबुक अकाउंट बिना किसी पूर्व सूचना या कारण की जानकारी दिए ब्लॉक कर दिया गया। अकाउंट दोबारा चालू कराने के लिए आवेदन भी दिया गया, लेकिन न तो अकाउंट बहाल किया गया और न ही आवेदन पर कोई जवाब मिला। इसके बाद करण गोयल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राहत मांगी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट के 17 अगस्त 2026 को सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर, इंडिया एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य मामले में दिए गए आदेश का हवाला दिया गया। अधिवक्ताओं ने इसी आधार पर अंतरिम राहत देने की मांग की। वहीं, प्रतिवादियों की ओर से इस मांग का विरोध किया गया।

आपत्तिजनक पोस्ट हटाने के बाद ही मिलेगी राहत

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तहत फेसबुक अकाउंट बहाल करने का निर्देश दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को अकाउंट पर मौजूद आपत्तिजनक सामग्री हटानी होगी और भविष्य में ऐसी कोई पोस्ट नहीं करनी होगी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को आदेश की सूचना मेटा, केंद्र और राज्य सरकार तक पहुंचाने के लिए भी कहा है।

प्रतिवादियों से जवाब तलब, जनवरी में अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने मामले में सभी प्रतिवादियों को जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। प्रकरण की अगली सुनवाई जनवरी 2027 में निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट सुनील ओटवानी और अधिवक्ता अंश गोयल ने पैरवी की। केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता अनुकृति दारो तथा राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनिल पांडे उपस्थित हुए।