विवेक पाण्डेय को तोरवा, अजय साहू को बिल्हा, सनीप रात्रे को तारबाहर और किशोर केंवट को सिरगिट्टी की जिम्मेदारी; भावेश शेंडे को समंस-वारंट शाखा और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का प्रभार
बिलासपुर। जिले की पुलिस व्यवस्था में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 10 निरीक्षकों और एक सहायक उपनिरीक्षक की नवीन पदस्थापना की गई है। पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 23 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में शहर और ग्रामीण क्षेत्र के कई थानों के प्रभारियों को बदला गया है। इसके साथ ही जिला विशेष शाखा, रक्षित केंद्र और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, निरीक्षक अजय साहू को प्रभारी जिला विशेष शाखा से थाना बिल्हा भेजा गया है। निरीक्षक विवेक पाण्डेय को पुलिस अधीक्षक कार्यालय की कोतवाली शाखा से थाना तोरवा, निरीक्षक सनीप रात्रे को रक्षित केंद्र से थाना तारबाहर और निरीक्षक किशोर केंवट को सिविल लाइन थाने से थाना सिरगिट्टी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी तरह निरीक्षक तोपसिंह नवरंग को थाना बिल्हा से सिटी कोतवाली तथा निरीक्षक रविशंकर तिवारी को थाना तारबाहर से सिविल लाइन थाने में पदस्थ किया गया है। निरीक्षक रजनीश सिंह, जो इससे पहले तोरवा थाना प्रभारी थे, उन्हें रक्षित केंद्र, बिलासपुर भेजा गया है। वहीं, निरीक्षक वाई.पी. सिंह को थाना सिरगिट्टी से प्रभारी जिला विशेष शाखा बनाया गया है।
भावेश शेंडे को दोहरी जिम्मेदारी
निरीक्षक भावेश शेंडे, जो पहले चकरभाठा थाना प्रभारी थे, उन्हें समंस/वारंट शाखा, जिला गुप्तचर इकाई (जीपीयू), कार्यालय बिलासपुर के साथ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके स्थान पर निरीक्षक अनिल अग्रवाल को चकरभाठा थाने का प्रभारी बनाया गया है।
इसके अलावा सहायक उपनिरीक्षक शोननाथ यादव को जिला विशेष शाखा से थाना सिरगिट्टी में पदस्थ किया गया है।
अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था पर रहेगी जिम्मेदारी
पुलिस विभाग में हुए इस फेरबदल से कई महत्वपूर्ण थानों की कमान नए अधिकारियों के हाथों में आ गई है। शहर के सिटी कोतवाली, सिविल लाइन, तारबाहर और सिरगिट्टी के साथ तोरवा, बिल्हा तथा चकरभाठा में नई पदस्थापनाएं की गई हैं। वहीं, जिला विशेष शाखा और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में बदलाव के जरिए संबंधित इकाइयों की जिम्मेदारियों का भी पुनर्निर्धारण किया गया है।
आदेश में स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने की चुनौती रहेगी।