बिलासपुर। अवैध अप्रवासियों और बिना वैध दस्तावेजों के बिलासपुर में निवास कर रहे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन को लेकर पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत सिरगिट्टी क्षेत्र में रहने वाले 23 संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस ने 4 सितंबर को रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा है। इन सभी के पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
राज्य शासन के निर्देश के बाद बिलासपुर पुलिस ने अवैध अप्रवासियों और बांग्लादेश से कथित रूप से अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर बिना वैध दस्तावेजों के रहने वाले लोगों की पहचान के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (IUCAW) रश्मिता कौर चावला के नेतृत्व में सात निरीक्षकों सहित विशेष टास्क फोर्स (STF) गठित की गई है।
मुर्शिदाबाद और जंगीपुर पहुंची विशेष टीम
पुलिस की विशेष टीम ने बिलासपुर में संदिग्ध पाए गए लोगों की पहचान और मूल निवास की पुष्टि के लिए पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर क्षेत्र का दौरा किया। टीम ने वहां के पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों से मुलाकात कर संदिग्ध व्यक्तियों से संबंधित जानकारी और दस्तावेज साझा किए। स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर उनकी पहचान और भारत में प्रवेश से संबंधित तथ्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान कई ऐसे लोग सामने आए, जिनके मूल निवास और पहचान से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी पाया गया। इसके बाद संबंधित जिलों की पुलिस से भी दस्तावेजों और जानकारी की पुष्टि कराई जा रही है।
सिरगिट्टी के 23 लोग भेजे गए डिटेंशन सेंटर
प्रारंभिक जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर सिरगिट्टी क्षेत्र में निवासरत 23 संदिग्ध व्यक्तियों को 4 सितंबर को रायपुर के होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि पहचान एवं दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें वहां रखा गया है।
पुलिस के रिकॉर्ड में इन 23 लोगों में अलग-अलग उम्र के व्यक्ति शामिल हैं। सूची में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के विभिन्न गांवों और थाना क्षेत्रों के पते दर्ज हैं।
सूचना देने के लिए टोल-फ्री नंबर जारी
पुलिस ने आम नागरिकों से भी संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने की अपील की है। इसके लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया गया है। पुलिस के मुताबिक किसी व्यक्ति की पहचान, निवास या दस्तावेजों को लेकर संदेह होने पर नागरिक इस नंबर पर सूचना दे सकते हैं।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
बिलासपुर पुलिस के अनुसार इस अभियान से पहले भी संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक तोरवा क्षेत्र में रहने वाले मोहम्मद हुसैन उर्फ सुब्रती शर्मा उर्फ सागर, निवासी शाहपुर, आरापाड़ा, नौवापाड़ा, थाना कोतवाली, जिला जशोर (बांग्लादेश) की पहचान के बाद 12 जुलाई 2025 को बांग्लादेश निर्वासन (Quit India) की कार्रवाई की गई थी।
वहीं, थाना तोरवा में 17 मार्च 2025 को बांग्लादेश की एक नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में आरोपी हृदय कुमार शर्मा के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था। न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद उसे भी बांग्लादेश Deportation की कार्रवाई तक रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध घुसपैठ और बिना वैध दस्तावेजों के निवासरत संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान व सत्यापन का अभियान आगे भी जारी रहेगा।