बिलासपुर। बारिश के कारण शहर की अधिकांश प्रमुख सड़कों की हालत खराब हो गई है। कई स्थानों पर सड़कें उखड़ने के साथ गड्ढे भी बन गए हैं। अब बरसात खत्म होने के बाद शहर की सड़कों के डामरीकरण और मरम्मत का काम तेज होने की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। कई सड़कों की टेंडर प्रक्रिया चल रही है, जबकि कुछ के टेंडर फाइनल हो चुके हैं।
सबसे महत्वपूर्ण नेहरू चौक से पेंड्रीडीह मार्ग का काम अगले सप्ताह से शुरू किया जाएगा। हालांकि लगातार बारिश को देखते हुए शुरुआत में इस मार्ग पर डिवाइडर निर्माण का काम कराया जाएगा। बारिश थमने के बाद सड़क के डामरीकरण का कार्य शुरू होगा।
40 करोड़ से अधिक की लागत से मजबूत होगा पेंड्रीडीह-नेहरू चौक मार्ग
राज्य शासन ने पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक मार्ग को मजबूत करने के लिए 40 करोड़ 38 लाख 57 हजार रुपए के टेंडर को मंजूरी दी है। इस मार्ग पर डामरीकरण करना पीडब्ल्यूडी के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। तिफरा काली मंदिर से पेंड्रीडीह तक सड़क का बड़ा हिस्सा कंक्रीट का है और उसकी दरारों पर डामरीकरण किया जाना है। पूर्व में भी दरारों में डामर भरने का प्रयास किया गया था, लेकिन समस्या पूरी तरह दूर नहीं हो सकी थी।
वहीं देवकीनंदन चौक से पुल तक की सड़क का वर्क ऑर्डर पहले ही जारी हो चुका है।
शहर की 28 सड़कों पर होगा काम
पीडब्ल्यूडी के अधीन शहर में करीब 28 सड़कें हैं। विभाग की योजना है कि 15 अक्टूबर तक अधिकांश सड़कों के वर्क ऑर्डर जारी कर दिए जाएं, ताकि बारिश खत्म होते ही डामरीकरण का काम तेजी से शुरू कराया जा सके। फिलहाल कई सड़कों के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।
लिंक रोड का 2.15 करोड़ का टेंडर
शहर के प्रमुख लिंक रोड के लिए भी टेंडर जारी हो चुका है। करीब 3.50 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर 2.15 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। बरसात के दौरान ही टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है, जबकि 15 अक्टूबर के बाद डामरीकरण का काम शुरू किया जाएगा।
दो महत्वपूर्ण सड़कों के टेंडर मंजूर
नेहरू चौक से उसलापुर तथा संजय तरण पुष्कर से अग्रसेन चौक तक की सड़कों का टेंडर भी हो चुका है। अब इन दोनों सड़कों के लिए वर्क ऑर्डर जारी होना बाकी है। दोनों कार्यों के लिए कुल करीब 10 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया था।
कई सड़कों को प्रशासनिक स्वीकृति का इंतजार
मंगला बस्ती से तुलजा भवानी मंदिर मार्ग को अभी प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिली है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। निचला क्षेत्र होने के कारण इस मार्ग पर हर साल जलभराव की समस्या रहती है, जिससे सड़क जल्दी खराब हो जाती है। इसी तरह पत्रकार कॉलोनी बाइपास सड़क को भी अभी शासन की मंजूरी का इंतजार है।
पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर आरके रात्रे के अनुसार शहर की सभी प्रमुख सड़कों के प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं और प्रक्रिया जारी है। विभाग की कोशिश है कि बारिश के दौरान ही टेंडर संबंधी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि बरसात खत्म होते ही सड़कों के निर्माण और डामरीकरण का काम शुरू कराया जा सके।