ई-रिक्शा चार्जिंग के दौरान आग लगने की आशंका, सीढ़ियों के पास खड़ी 5 गाड़ियां जलीं, रेस्क्यू में बच्चे का पैर टूटा

बिलासपुर। सरकंडा मुक्तिधाम के पास स्थित तीन मंजिला अटल आवास में रविवार की आधी रात आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। रात करीब 12.30 बजे नीचे ई-रिक्शा के पास भड़की आग ने देखते ही देखते सीढ़ियों के पास खड़ी गाड़ियों को चपेट में ले लिया। धुआं पूरी बिल्डिंग में फैल गया और दूसरी मंजिल पर रहने वाले करीब 30 लोग अंदर फंस गए। सीढ़ियों के पास आग लगने से नीचे उतरने का रास्ता बंद हो गया। ऐसे में लोगों ने खिड़कियां तोड़कर कपड़ों के सहारे छज्जे से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को नीचे उतारा। इस दौरान एक बच्चे का पैर टूट गया, जबकि कुल 5 लोगों के घायल होने की सूचना है। सभी घायलों को सिम्स में भर्ती कराया गया। आग में 5 गाड़ियां जल गईं। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।

खिड़कियां तोड़कर छज्जे से उतारे गए लोग

आग लगने के बाद बिल्डिंग में चीख-पुकार मच गई। नीचे रहने वाले लोग किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन दूसरी मंजिल पर रहने वाले परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया। सीढ़ियों के पास आग की लपटें उठने और धुआं भरने से उनके लिए नीचे उतरना मुश्किल हो गया। अंदर फंसे लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे। इसके बाद बाहर मौजूद लोगों ने दूसरी मंजिल की खिड़कियां तोड़ीं और कपड़ों के सहारे लोगों को छज्जे से नीचे उतारना शुरू किया। मौके पर मौजूद आकाश सिंह के मुताबिक, 30 से ज्यादा बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान एक बच्चे के पैर में फ्रैक्चर हो गया। पांच घायलों को उपचार के लिए सिम्स ले जाया गया।

दमकल पहुंचने में देरी पर सवाल, विभाग ने बताया समय

घटना के बाद सोशल मीडिया पर दमकल और पुलिस की टीम के देर से पहुंचने को लेकर सवाल उठे। घटनास्थल के पास से गुजर रही एक युवती ने इंस्टाग्राम पर टीमों के देर से पहुंचने की बात कही। वहीं, सीएसपी तिलेश्वर यादव ने बताया कि रात 12:34 बजे पुलिस को कॉल मिला और 12:36 बजे कंट्रोल रूम को संदेश भेजा गया। दमकल की टीम रात 12:52 बजे घटनास्थल पर पहुंच गई। आग बुझने के बाद भी बिल्डिंग में धुआं और जली हुई चीजों की तेज गंध बनी रही। इस कारण लोग देर रात तक घरों में लौटने से डरते रहे और सड़क तथा आसपास की दुकानों के सामने बैठे रहे।

24 मकानों में रहते हैं 130 से ज्यादा लोग, फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं

मुक्तिधाम के पास स्थित इस तीन मंजिला अटल आवास में प्रत्येक मंजिल पर 8 मकान हैं। इस तरह यहां कुल 24 मकान हैं, जिनमें 130 से ज्यादा लोग रहते हैं। इतनी बड़ी आबादी वाली बिल्डिंग में आग से बचाव के लिए फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई है। सीढ़ियों के पास वाहन खड़े होने से आग लगने की स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता भी बाधित हो सकता है। रविवार रात की घटना ने आवासीय भवनों में सुरक्षा इंतजामों की कमी को उजागर कर दिया है। मौके पर पहुंचे शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि समय पर मदद मिलने से बड़ा हादसा टल गया।

शहर के 6 हजार से ज्यादा अटल आवासों की सुरक्षा पर सवाल

नगर निगम ने अशोक नगर, विजयपुरम, सिरगिट्टी, तिफरा, उसलापुर, नूतन चौक और मसानगंज सहित शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में 6 हजार से ज्यादा आवास बनाए हैं। इनमें कई जगह गलियारे संकरे हैं, तो कहीं सीढ़ियों की चौड़ाई कम है। आगजनी जैसी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और आग पर काबू पाने के पर्याप्त इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, नगर निगम ने अब तक किसी भी अटल आवास का सेफ्टी ऑडिट नहीं कराया है। ऐसे में सरकंडा की घटना के बाद इन आवासों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जरूरत महसूस की जा रही है।

दो साल में आग की 40 से ज्यादा घटनाएं, 25 में शॉर्ट सर्किट की आशंका

नगर सेना के अग्निशमन विभाग और पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, शहर और आसपास के क्षेत्रों में बीते दो वर्षों में आग लगने की 40 से ज्यादा छोटी-बड़ी घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें करीब 25 मामलों में शॉर्ट सर्किट या बिजली के ओवरलोडिंग को वजह बताया गया। व्यापार विहार, गोलबाजार, बुधवारी बाजार और रिहायशी कॉलोनियों में पुरानी वायरिंग, ओवरलोडिंग और ढीले कनेक्शन आग लगने के प्रमुख कारणों में शामिल रहे हैं।

ई-रिक्शा चार्जिंग में सामान्य प्लग का इस्तेमाल खतरनाक

रिटायर्ड ईई, सीएसईबी आर. देयासी के अनुसार, अटल आवास जैसी इमारतों में ढीली वायरिंग और सामान्य प्लग भी आग लगने की वजह बन सकते हैं। ई-रिक्शा में एक किलोवाट या उससे अधिक क्षमता की बैटरी होती है। इसकी चार्जिंग के लिए 16 एम्पियर या उससे अधिक क्षमता वाला पावर प्लग इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बिजली के कनेक्शन और चार्जिंग व्यवस्था में लापरवाही से आग लगने का खतरा बढ़ सकता है।