बिलासपुर। अरपा नदी के किनारे बिलासपुर को पर्यटन और मनोरंजन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। रामसेतु मार्ग पर आकार ले रहा मिनी टूरिज्म हब शहरवासियों को नदी के किनारे घूमने-फिरने के साथ मनोरंजन और खानपान की कई सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम परियोजना है। योजना के तहत यहां इंडोर गार्डन, रिवर क्रूज, एडवेंचर गेमिंग, थीम पार्क, ओपन थिएटर, रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट और शॉपिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। परियोजना का उद्देश्य अरपा के तट को केवल घूमने की जगह तक सीमित न रखकर परिवारों, युवाओं और पर्यटकों के लिए एक संपूर्ण मनोरंजन स्थल के रूप में तैयार करना है।
इस परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। हैदराबाद की ईसीएआरटी कांग्लोमरेट प्राइवेट लिमिटेड को इसके विकास की जिम्मेदारी दी गई है। परियोजना को करीब पांच साल में विकसित करने की योजना है। निर्माण पूरा होने के बाद यहां एक ही परिसर में प्राकृतिक वातावरण, खानपान, खरीदारी और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों का अनुभव मिल सकेगा।
इंडोर गार्डन से लेकर रिवर क्रूज तक की सुविधा
परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण इंडोर गार्डन और अरपा नदी में रिवर क्रूज की सुविधा होगी। इंडोर गार्डन में लोग मौसम की परवाह किए बिना हरियाली और सुकून के बीच समय बिता सकेंगे। वहीं, रिवर क्रूज की योजना पूरी होने पर नदी के आसपास के नजारे देखने के लिए एक नया विकल्प मिल सकता है। नदी के किनारे विकसित होने वाला यह परिसर शहर की प्राकृतिक पहचान को पर्यटन से जोड़ने की कोशिश है।
योजना में एडवेंचर गेमिंग और थीम पार्क जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। इससे बच्चों और युवाओं के लिए मनोरंजन के विकल्प बढ़ेंगे। ओपन थिएटर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और अन्य आयोजन किए जा सकेंगे। रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट और अन्य खानपान सुविधाओं से लोगों को एक ही जगह पर अलग-अलग तरह के व्यंजनों का विकल्प मिलेगा। शॉपिंग और अन्य मनोरंजन सुविधाएं भी इस परिसर का हिस्सा होंगी।
परिवार के साथ समय बिताने के लिए नया ठिकाना
शहर में परिवार के साथ कुछ घंटे बिताने, बच्चों को घुमाने और दोस्तों के साथ मनोरंजन के लिए सीमित विकल्पों के बीच यह परियोजना महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि प्रस्तावित सुविधाएं योजना के अनुरूप विकसित होती हैं, तो लोगों को हर बार दूसरे शहरों की ओर रुख करने की जरूरत कम हो सकती है। सप्ताहांत और छुट्टियों में यहां लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना भी है।
परियोजना में रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट, शॉपिंग, मल्टीप्लेक्स सिनेमा और मनोरंजन के कई विकल्पों को एक साथ शामिल करने का विचार इसे सामान्य पार्क से अलग बनाता है। यहां आने वाले लोगों को घूमने के साथ खाने-पीने, खरीदारी और कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिल सकेगा। इससे आसपास के क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पीपीपी मॉडल पर हो रहा विकास
इस परियोजना को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। इस व्यवस्था में निजी कंपनी परियोजना के विकास और उससे जुड़ी सुविधाओं के निर्माण में भूमिका निभाती है, जबकि संबंधित सार्वजनिक एजेंसी अनुबंध की शर्तों के अनुसार भूमि, निगरानी और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाती है। रामसेतु मार्ग पर प्रस्तावित मिनी टूरिज्म हब के विकास का काम हैदराबाद की कंपनी को सौंपे जाने की जानकारी है।
कंपनी परिसर में विभिन्न मनोरंजन और व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करेगी। इसके बदले नगर निगम या संबंधित सार्वजनिक निकाय को अनुबंध के तहत राजस्व मिलने की व्यवस्था भी है। इस तरह निजी निवेश के माध्यम से पर्यटन सुविधाएं विकसित करने और सार्वजनिक संपत्ति का बेहतर उपयोग करने की कोशिश की जा रही है।
अरपा के तट को पर्यटन केंद्र बनाने की व्यापक योजना
बिलासपुर में अरपा नदी के दोनों किनारों को विकसित करने के लिए सड़क, फुटपाथ, रिटेनिंग वॉल और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य पहले से ही व्यापक नदी तट विकास की योजनाओं का हिस्सा रहे हैं। रामसेतु मार्ग के विकास का उद्देश्य यातायात को सुगम बनाने के साथ नदी के आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित स्वरूप देना भी है। इस मार्ग के लोकार्पण के समय इसे शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्रों तक पहुंचने के वैकल्पिक रास्ते के रूप में भी रेखांकित किया गया था।
मिनी टूरिज्म हब इसी व्यापक बदलाव को मनोरंजन और पर्यटन से जोड़ सकता है। हालांकि, किसी भी नदी किनारे पर्यटन परियोजना की दीर्घकालिक सफलता के लिए साफ-सफाई, सुरक्षा, पार्किंग, यातायात प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा। अरपा में शहर के नालों से पहुंचने वाले दूषित पानी के उपचार को लेकर भी प्रशासन ने समग्र कार्ययोजना तैयार करने की जरूरत जताई है। ऐसे में नदी तट पर पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ नदी की स्वच्छता और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण रहेगा।
निर्माण की समय-सीमा और संचालन पर रहेगी नजर
परियोजना को पांच साल में तैयार करने की योजना है। ऐसे में शहरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि निर्माण कार्य किस गति से आगे बढ़ता है और प्रस्तावित सुविधाएं कब तक उपयोग के लिए उपलब्ध हो पाती हैं। पर्यटन केंद्र विकसित होने के बाद उसके नियमित रखरखाव, सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं के संचालन की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।
यदि परियोजना समय पर पूरी होती है और प्रस्तावित सुविधाएं प्रभावी ढंग से संचालित होती हैं, तो अरपा का किनारा बिलासपुर में मनोरंजन और पर्यटन का नया केंद्र बन सकता है। इससे शहर को एक नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है।