बिलासपुर। शहर की बढ़ती आबादी और तेजी से फैलते शहरी क्षेत्र को अगले 50 साल तक पानी उपलब्ध कराने के लिए अमृत मिशन 2.0 के तहत नया जलापूर्ति प्लान तैयार किया जाएगा। इसमें सिर्फ नगर निगम सीमा के भीतर के इलाके ही नहीं, बल्कि आउटर के 15 गांव और 3 नगरीय निकायों को भी शामिल किया जाएगा। यानी शहर के विस्तार के साथ आसपास विकसित हो रही नई बसाहटों की पेयजल जरूरतों का आकलन भी अभी से होगा। नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक में डिप्टी सीएम अरुण साव ने नगर निगम को अगले 15 दिनों में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।

नई योजना में केवल पाइपलाइन बिछाने और पानी टंकियों के निर्माण तक सीमित रहने के बजाय अगले पांच दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। इसके लिए आबादी वृद्धि, नई कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों के विस्तार तथा भविष्य में पानी की मांग का आकलन किया जाएगा। प्रस्ताव में बोरवेल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, ओवरहेड टैंक और वितरण पाइपलाइन का नेटवर्क शामिल होगा। इसके अलावा जल संरक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और इस्तेमाल किए जा चुके पानी के दोबारा उपयोग की व्यवस्था पर भी जोर रहेगा।

आउटर में 170 करोड़ की योजना बनाने की तैयारी

शहर के बाहरी क्षेत्रों में बढ़ती बसाहट के साथ पेयजल संकट भी गंभीर होता जा रहा है। इसे देखते हुए नगर निगम आउटर के इलाकों के लिए करीब 170 करोड़ रुपए की अलग योजना तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए प्रभावित और जरूरत वाले क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे में 2 से 3 महीने लगने का अनुमान है। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर अर्बन चैलेंज फंड से राशि जुटाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।

इस योजना में अमेरी, मंगला, उसलापुर, बिरकोना, मोपका, तिफरा, दोमुहानी और परसदा जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति का नेटवर्क तैयार करने पर जोर रहेगा। अमृत मिशन 2.0 के नए प्लान में आउटर के 15 गांव और 3 नगरीय निकायों को शामिल करने से आसपास के शहरी क्षेत्रों को भी भविष्य की जलापूर्ति व्यवस्था से जोड़ने का रास्ता खुलेगा।

41 किमी पाइपलाइन बिछी, 112 किमी का काम जारी

शहर के बाहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए पहले से दो बड़ी योजनाओं पर काम चल रहा है। बहतराई, राजकिशोर नगर और सिरगिट्टी क्षेत्र में करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से 41 किमी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। योजना पूरी होने के बाद अगले गर्मी के मौसम से इन क्षेत्रों के लोगों को खूंटाघाट से अमृत मिशन के तहत पानी मिलने की उम्मीद है।

दूसरी ओर बहतराई, खमतराई, राजकिशोर नगर, सकरी, घुरू, अमेरी, देवरीखुर्द, चिल्हाटी और बिजौर सहित विभिन्न क्षेत्रों में करीब 28 करोड़ रुपए की सरफेस वाटर योजना पर काम चल रहा है। इसके तहत 112 किमी पाइपलाइन बिछाई जानी है, जिसमें से करीब 80 किमी का काम पूरा हो चुका है। योजना में 13 पानी टंकियां बनाई जा रही हैं। इनमें से 10 का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि बहतराई, डीएलएस कॉलेज और घुरू के पास तीन टंकियों का निर्माण जारी है।

अमृत मिशन और सरफेस वाटर योजना अलग-अलग

शहर में चल रही दोनों पेयजल योजनाओं को लेकर यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 41 किमी पाइपलाइन वाली योजना अमृत मिशन के तहत है, जबकि 112 किमी पाइपलाइन और 13 टंकियों वाली योजना सरफेस वाटर आधारित है। दोनों योजनाओं का उद्देश्य आउटर के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का विस्तार करना है। अब अमृत मिशन 2.0 के नए प्लान में भविष्य की जरूरतों को जोड़कर व्यापक जलापूर्ति नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

अधिकारी का कहना है

नगर निगम के जल विभाग के प्रभारी अनुपम तिवारी के अनुसार, वर्तमान में पेयजल की दो योजनाओं पर काम चल रहा है। एक में 41 किमी और दूसरी में 112 किमी पाइपलाइन बिछाई जा रही है। शासन के निर्देशानुसार अमृत मिशन 2.0 के तहत नया प्रस्ताव तैयार किया जाएगा, जिसमें आउटर के क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा।