ग्रामीणों का आरोप—एई-जेई से कई बार की थी शिकायत, फिर भी नहीं सुधारा गया तार; 25 दिन पहले सेवती में भी करंट से गई थी किसान की जान
बिलासपुर। सकरी के बजरंग पारा में जमीन से करीब 4 फीट ऊपर झूल रहे 11 केवी बिजली लाइन के तार की चपेट में आने से 50 वर्षीय चरवाहे देवीराम यादव की मौत हो गई। सोमवार को तालाब के पास मवेशी चराते समय यह हादसा हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली का तार काफी समय से नीचे झूल रहा था। इसकी शिकायत बिजली विभाग के एई और जेई से कई बार की गई, लेकिन तार को ठीक नहीं किया गया। हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश है।
देवीराम यादव, पिता स्व. खुशाल यादव, रोज की तरह सोमवार को मवेशी चराने निकले थे। सकरी के बजरंग पारा स्थित तालाब के पास वे नीचे झूल रहे बिजली के तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सिम्स भेज दिया।
कई गांवों में झुके खंभे, नीचे लटक रहे तार
ग्रामीणों का कहना है कि सकरी के अलावा हांफा, सलमपुर, बहतराई, जोकी और परसदा में भी बिजली के खंभे झुके हुए हैं। तार नीचे होने से खेतों और बस्तियों में हादसों का खतरा बना हुआ है। आरोप है कि बिजली विभाग साल में 4 से 5 बार मेंटेनेंस के नाम पर 4 से 5 घंटे बिजली बंद करता है, लेकिन इसके बावजूद जर्जर खंभों और नीचे झूलते तारों की समस्या दूर नहीं की गई।
सेवती में किसान की मौत के बाद भी नहीं सुधरे हालात
करीब 25 दिन पहले बिल्हा क्षेत्र के सेवती गांव में भी 11 केवी बिजली लाइन का तार टूटकर खेत में गिर गया था। इसकी चपेट में आने से एक किसान की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद बिजली विभाग ने संबंधित लाइन सहायक को निलंबित किया था। इसके बावजूद सकरी में बिजली के तार की चपेट में आने से एक और जान चली गई।
6 महीने में करंट से 19 लोगों की मौत
बिजली के तारों और खुले ट्रांसफार्मरों के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में हादसे हो रहे हैं। भाड़म में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं रमतला, कोटा, रतनपुर, गिरधौरी और मस्तूरी सहित अन्य क्षेत्रों में अप्रैल से सितंबर के बीच करंट लगने से 19 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, जेई रोशन श्रीवास को 15 दिन के भीतर जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया गया था। नोटिस जारी होने के 13 दिन बाद भी उन्होंने जवाब नहीं दिया था।
एई और जेई से मांगा जाएगा जवाब
ग्रामीण संभाग-2 के कार्यपालन अभियंता मिलिंद पांडेय ने कहा कि 11 केवी का तार झुका हुआ था, इसकी जानकारी विभाग को नहीं दी गई थी। यदि शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई है तो यह गंभीर लापरवाही है। इस मामले में संबंधित एई और जेई को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा।