छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी बस, नया ड्राइवर चला रहा था वाहन; ग्रामीणों ने बच्चों को बाहर निकाला, स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप

बिलासपुर। चकरभाठा क्षेत्र के ग्राम कड़ार में बुधवार दोपहर करीब 25 बच्चों से भरी एक निजी स्कूल बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में जा घुसी। हादसे में एक छात्र को गंभीर चोट आई है। परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। गनीमत रही कि बस पलटी नहीं, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद बस में सवार बच्चों के बीच चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बच्चों को बस से बाहर निकाला।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ग्राम कड़ार स्थित फोलिएज पब्लिक स्कूल में छुट्टी होने के बाद बस बच्चों को उनके घर छोड़ने जा रही थी। नेशनल हाईवे से करीब 2 किलोमीटर अंदर गांव की सड़क पर एक मोड़ के पास चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सड़क से उतरकर खेत में जा घुसा। हादसे के बाद बच्चों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों और राहगीरों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।

प्रत्यक्षदर्शियों ने चालक पर तेज रफ्तार और लापरवाही से बस चलाने का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर चकरभाठा पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी।

नए ड्राइवर को दे दी बच्चों से भरी बस की जिम्मेदारी

हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन बार-बार बस चालकों को बदलता रहता है। नए चालकों को गांव की संकरी सड़कों, मोड़ों और यातायात की स्थिति का पर्याप्त अनुभव नहीं होता। इसके बावजूद उन्हें बच्चों से भरी बस चलाने की जिम्मेदारी दे दी जाती है।

ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार को भी बस नया चालक चला रहा था। आरोप है कि वह तेज रफ्तार से वाहन चला रहा था, जिसके कारण मोड़ पर बस अनियंत्रित होकर खेत में उतर गई। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन पर उठाए सवाल

ग्रामीण ईश्वर कौशिक, सुमित, शुभम और राजेश दुबे ने स्कूल प्रबंधन की व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बस चालकों की योग्यता, अनुभव और वाहन चलाने के तरीके की नियमित जांच जरूरी है। उन्होंने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बड़ा हादसा टला, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

बस में करीब 25 बच्चे सवार थे। ऐसे में वाहन के अनियंत्रित होकर खेत में उतरने की घटना ने स्कूली बच्चों के परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बस पलट जाती तो बच्चों को गंभीर चोटें आ सकती थीं। हादसे में एक छात्र को गंभीर चोट लगने से परिजन चिंतित हैं।

अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि दुर्घटना चालक की लापरवाही, तेज रफ्तार, सड़क की स्थिति या किसी अन्य कारण से हुई। साथ ही स्कूल बस के चालक की नियुक्ति, अनुभव और सुरक्षा मानकों की भी जांच महत्वपूर्ण होगी। बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने वाले स्कूल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बस संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।