संजू त्रिपाठी हत्याकांड
दो पिस्तौल, 10 कारतूस, बैलिस्टिक रिपोर्ट, बैंक खातों के लेन-देन और 30 से ज्यादा गवाहों का दिया हवाला, 12 बिंदुओं पर तैयार होगी अपील
बिलासपुर। हिस्ट्रीशीटर कांग्रेस नेता संजू त्रिपाठी हत्याकांड में सभी 22 आरोपियों के बरी होने के फैसले को पुलिस हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। एसएसपी रजनेश सिंह ने 5 नवंबर को जिला अभियोजन कार्यालय को पत्र लिखकर शासन की ओर से अपील प्रस्तुत करने के लिए प्रकरण तैयार करने कहा है। पुलिस ने अपने पत्र में आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए हथियारों की बरामदगी, बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट, मोबाइल डाटा, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, बैंक खातों में लेन-देन और 30 से अधिक स्वतंत्र एवं पुलिस गवाहों का हवाला दिया है। कुल 12 प्रमुख साक्ष्यों को अपील का आधार बनाया गया है।
सकरी थाने में दर्ज इस हत्याकांड की सुनवाई दसवें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आदित्य जोशी की अदालत में हुई थी। अदालत ने 30 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाते हुए हत्या और साजिश के आरोपों का सामना कर रहे सभी 22 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया था। मामले में आईपीसी की धारा 302, 120-बी, 109 और 34 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत सुनवाई हुई थी। फैसले के बाद पुलिस ने अब अभियोजन के माध्यम से उच्च न्यायालय में अपील की प्रक्रिया शुरू करने की पहल की है।
हथियारों की बरामदगी से लेकर बैंक ट्रांजेक्शन तक का हवाला
एसएसपी की ओर से अभियोजन कार्यालय को भेजे गए पत्र में दो देसी पिस्तौल, 10 कारतूस और अन्य हथियारों की बरामदगी का उल्लेख किया गया है। पुलिस ने हथियारों की बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत की पुष्टि, घटनास्थल से मिले धातु के अवशेषों की जांच, आरोपियों के मोबाइल डाटा, चैट और रिकॉर्डिंग को भी अपील के आधार में शामिल किया गया है।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, थार सहित स्कॉर्पियो, स्विफ्ट डिजायर और एक्टिवा जैसे वाहनों की जब्ती व दस्तावेज, आरोपियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन संबंधी तकनीकी जानकारी का भी उल्लेख किया है। बैंक खातों में कथित सुपारी की रकम के लेन-देन और भुगतानकर्ता व प्राप्तकर्ता से जुड़े रिकॉर्ड को भी साक्ष्य के रूप में पेश किया गया है। हथियारों की सप्लाई, आरोपियों के मेमोरेंडम और संदीप यादव से बटनदार चाकू की जब्ती का भी हवाला दिया गया है।
22 आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग साक्ष्यों का उल्लेख
पुलिस ने अभियोजन को भेजे गए पत्र में प्रत्येक आरोपी के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों का अलग-अलग विवरण दिया है। मुख्य आरोपी जय नारायण त्रिपाठी के खिलाफ संपत्ति विवाद, मोबाइल डाटा और पिस्तौल-कारतूस की बरामदगी का उल्लेख है। कपिल त्रिपाठी के मामले में संपत्ति विवाद, बैंक कार्ड और वाहन उपलब्ध कराने से जुड़े साक्ष्य बताए गए हैं। सुमित्रा त्रिपाठी के मोबाइल की जब्ती और पारिवारिक संबंधों, कल्याणी तिवारी के खिलाफ हथियारों और परीक्षण रिपोर्ट तथा भरत तिवारी के मोबाइल की जब्ती का उल्लेख किया गया है।
इसी तरह सुमित निर्मलकर के खाते में 6.15 लाख रुपए के लेन-देन, अमन गुप्ता के वाहन, आईफोन और सीसीटीवी फुटेज, केदार सिंह की एक्टिवा व मोबाइल, रवि सिंह की थार और दस्तावेजों को साक्ष्य बताया गया है। यूसुफ हुसैन के खिलाफ दो पिस्तौल, 10 कारतूस, कॉल रिकॉर्ड और हथियारों की बिक्री से जुड़े साक्ष्य का उल्लेख है। दानिश, एजाज अंसारी, ताबीज अंसारी और प्रवीण गुप्ता के खिलाफ मोबाइल और कॉल रिकॉर्ड सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों का हवाला दिया गया है। संदीप यादव से बटनदार चाकू की जब्ती भी पुलिस ने अपने पत्र में दर्ज की है।
30 से अधिक गवाहों के बयान भी अपील का आधार
पुलिस ने अभियोजन को भेजे पत्र में 30 से अधिक स्वतंत्र और पुलिस गवाहों के नाम भी शामिल किए हैं। इनमें मंगल केशरवानी, आकाश कोसले, सुमंत कुमार कश्यप, रामकृष्ण राव, धनराज कुम्भकार, सुनील सूर्यवंशी, अशोक कुमार सिंह, सूरज दुबे, नवीन एक्का, संजय बंजारे, डॉ. राहुल अग्रवाल, टी. विनोद कुमार, वेंकट अग्रवाल, किशोर कुमार काले, बलवीर सिंह, हरिश्चंद्र, किरण त्रिपाठी, दिनेश चंद्र, विक्रम सिंह, रामनाथ बनर्जी, राजेश्वर सिंह क्षत्रीय, राज सिंह, जीवन साहू, जय साहू, उदयभान सिंह, विकास शर्मा, हेमंत आदित्य, विनोद दास मानिकपुरी, राजकुमार श्याम, तरुण केशरवानी, प्रभाकर तिवारी, दीपक उपाध्याय, राजेश मिश्रा और सागर पाठक के नाम शामिल हैं।
एसएसपी रजनेश सिंह के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ तकनीकी, भौतिक और गवाहों से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। ऐसे में दोषमुक्ति के फैसले को उचित नहीं मानते हुए शासन की ओर से हाई कोर्ट में अपील प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। अब अभियोजन कार्यालय के माध्यम से अपील की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।