गंभीर मरीजों के इलाज में काम आएंगी जरूरी दवाइयां, 4.5 साल तक होगा लिफ्टों का रखरखाव
बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) मुख्यालय बिलासपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं और अधिकारियों के रेस्ट हाउस की व्यवस्थाओं पर करीब 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। केंद्रीय रेलवे अस्पताल के लिए 20 से 25 लाख रुपये की दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति की जाएगी। वहीं, रेलवे ऑफिसर्स रेस्ट हाउस (ओआरएच) की लिफ्टों के रखरखाव पर 14.69 लाख रुपये खर्च होंगे।
केंद्रीय रेलवे अस्पताल में भर्ती रेल कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके पात्र परिजनों के इलाज के लिए आवश्यक दवाइयां और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें एनोक्सापेरिन सोडियम इंजेक्शन भी शामिल है, जिसका उपयोग डॉक्टरों की सलाह पर खून के थक्के बनने से रोकने और कुछ गंभीर चिकित्सकीय स्थितियों के उपचार में किया जाता है। दवाइयों की उपलब्धता से मरीजों को जरूरत के समय उपचार में मदद मिलेगी।
साढ़े चार साल तक लिफ्टों का रखरखाव
रेलवे ऑफिसर्स रेस्ट हाउस में लगी थिसेनक्रुप कंपनी की लिफ्टों के रखरखाव के लिए 14.69 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत अगले साढ़े चार साल तक लिफ्टों की नियमित देखरेख और जरूरत के अनुसार कल-पुर्जों को बदलने का काम किया जाएगा। इससे लिफ्टों में तकनीकी खराबी आने पर मरम्मत और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल में आवश्यक दवाइयों और उपकरणों की उपलब्धता बनाए रखने के साथ रेस्ट हाउस की सुविधाओं को भी दुरुस्त रखने पर ध्यान दिया जा रहा है।
— अनुराग सिंह, सीनियर डीसीएम, बिलासपुर