त्वचा रोग विभाग में रोजाना 200 से अधिक मरीजों की ओपीडी, टोकन नंबर मिलने के बाद भी कतार में लगने की मजबूरी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) की ओपीडी में मरीजों की सुविधा के लिए टोकन व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। त्वचा रोग विभाग में इलाज कराने पहुंचे मंगला निवासी किशन ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए चिकित्सा अधीक्षक से शिकायत की है। उनका कहना है कि पंजीयन के बाद टोकन नंबर 31 मिलने के बावजूद उन्हें डॉक्टर को दिखाने के लिए लंबी कतार में लगना पड़ा।

किशन ने सिम्स के मुख्य पंजीयन काउंटर से पर्ची बनवाई थी। इसके बाद उन्हें त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जेपी स्वाइन के पास भेजा गया। पर्ची और रजिस्टर में टोकन नंबर दर्ज होने के बावजूद मरीजों को क्रमवार बुलाने की व्यवस्था नजर नहीं आई। मरीज का आरोप है कि जांच कराने, पर्ची पर सील लगवाने या किसी दूसरे काम से बाहर जाने पर टोकन नंबर निकल जाने के बाद दोबारा कतार में लगना पड़ता है।

त्वचा रोग विभाग में रोजाना 200 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में टोकन व्यवस्था स्पष्ट नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी होती है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि विभाग में टोकन व्यवस्था संभालने के लिए जिम्मेदार कर्मचारी की तैनाती की जाए, मरीजों को नंबर के अनुसार डॉक्टर के पास भेजा जाए और ओपीडी के बाहर बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था की जाए।

पर्ची नंबर आगे-पीछे होने की लेंगे जानकारी

सिम्स अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों के बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां लगाई गई हैं। पर्ची नंबर आगे-पीछे क्यों किया गया, इसकी जानकारी ली जाएगी।