बिलासपुर। मंगला स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय कॉलोनी में शुक्रवार सुबह जेवर चमकाने का झांसा देकर बाइक सवार दो बदमाश महिलाओं से करीब साढ़े तीन तोला सोने और चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। ठगों ने पहले बर्तन और चांदी के जेवर चमकाकर महिलाओं का भरोसा जीता, फिर सोने के जेवर टिफिन में रखकर उन्हें गर्म करने के लिए किचन में भेज दिया। महिलाओं के लौटने तक आरोपी गहने लेकर भाग चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन सीएसपी, टीआई और एसीसीयू की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे स्मिता तिवारी अपने घर के सामने बनी दुकान पर बैठी थीं। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक वहां पहुंचे और सिगरेट मांगी। सिगरेट पीते हुए दोनों ने महिला से बातचीत शुरू की और बताया कि वे बर्तन व जेवर चमकाने का पाउडर बेचते हैं। भरोसा दिलाने के लिए उन्होंने पहले बर्तन चमकाकर दिखाए। इसके बाद एक महिला के चांदी के जेवर उतरवाकर उन्हें भी चमकाकर वापस पहना दिया।

इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली एक रिश्तेदार भी वहां पहुंच गई। ठगों की बातों में आकर एक महिला ने करीब तीन तोला वजन की सोने की चेन और दूसरी महिला ने करीब आधा तोला सोने का जेवर चमकाने के लिए दे दिया। आरोपियों ने दोनों जेवर एक टिफिन में रखे और महिलाओं से कहा कि डिब्बे को किचन में ले जाकर कुछ देर गर्म कर लाएं।

महिलाएं टिफिन लेकर किचन में गईं। कुछ देर बाद जब उन्होंने डिब्बा खोला तो उसमें सोने के जेवर गायब थे। महिलाएं तुरंत बाहर आईं और दोनों युवकों से गहने वापस मांगने लगीं। ठगी का खुलासा होते ही आरोपी महिलाओं को धक्का देकर बाइक से भागने लगे। उन्हें पकड़ने की कोशिश के दौरान एक आरोपी का जूता मौके पर ही छूट गया, जिसे छोड़कर दोनों बाइक से फरार हो गए।

बताया गया कि दोनों युवक करीब पौन घंटे तक घर पर मौजूद रहे। उनकी गतिविधियों पर महिलाओं को शक भी हुआ, लेकिन घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं होने के कारण वे घबरा गईं। विरोध के बावजूद आरोपी आसानी से भागने में सफल रहे।

घटना के बाद परिवार ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जल्दबाजी में एक फुटेज से बाइक सवार दो युवकों की तस्वीर निकालकर पुलिस को दे दी गई। पुलिस ने फुटेज के आधार पर दोनों को पकड़कर पूछताछ की, लेकिन जांच में पता चला कि वे कॉलोनी में किराए से रहने वाले नाबालिग छात्र हैं और घटना से उनका कोई संबंध नहीं है। गलत फुटेज के कारण जांच कुछ समय के लिए भटक गई। अब पुलिस नए सिरे से सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर असली आरोपियों की तलाश कर रही है।