
देश की राजधानी दिल्ली में कल एक हिंदू परिवार अपनी दो हिंदू बच्चियों सहित महरौली क्षेत्र में बने कुतुब मीनार को देखने के लिए गया था | परिवार ने बाकायदा टिकट ली और अंदर घुसने वाली लाइन में खड़े हो कर अंदर जाने की शुरुआत करी तभी सिक्योरिटी गार्ड ने परिवार को रोका और बच्चों को अलग खड़ा कर दिया |
बच्चों को सिर्फ इसलिए रोक कर लाइन से अलग हटा दिया गया था क्योंकि बच्चियों ने जन्माष्टमी के महौल के अनुसार राधा रानी जैसी ड्रेस पहनी हुई थी जो सिक्योरिटी दे रही टीम को पसंद नहीं आई | मतलब अब हिंदुओं के ही देश में हिंदू बच्चियों अगर धार्मिक ड्रेस पहन कर किसी धरोहर को देखने जाना चाहती हैं तो उनको देखने नहीं दिया जायेगी |
ठीक इसी प्रकार हिंदुओं की बच्चियों और महिलाओं का शोषण तब होता है जब किसी कंपीटीशन का पेपर देने के लिए बच्चियां एग्जाम सेंटर पर जाती हैं तब हिंदू महिलाओं के मंगलसूत्र | बिंदी और लड़कियों के कलावा तक उतरवा लिए जाते है पर मजहबी महिला का हिजाब तक उतरवाने की किसी की हिम्मत नहीं होता |

आज इस कांड को देख जितनी गुस्सा सिक्योरटी गार्ड पर आ रही है उतनी ही आस पास खड़े हिंदुओं पर जो सनातन का अपमान देखते रहे पर इक्ट्ठे हो कर दो शब्द परिवार के समर्थन में नहीं बोल पाए | अगर बोल दिए होते तो परिवार अकेला संघर्ष नहीं करता और हमको पोस्ट नहीं करनी पड़ती |
लेकिन हिंदू तो सिर्फ सरकार के विरोध में बोलता है | दूसरी जातियों को टारगेट करना हो तब बोलता है | अपनी जाति को महान बताना हो तब जोर जोर से बोलता है | पर जब खुले आम हमारी संस्कृति का विरोध करा जाता है तब एक शब्द तक नहीं बोल पाता | क्योंकि तब एजुकेटेड बन कर अपना स्टेटस दिखाता है |
आज इस कांड को देख कर मन बहुत दुखी और गुस्से में भी है | हिंदुओं अगर जरा सी भी शर्म बची हो तो इस मुद्दे पर विरोध जरूर जता देना | और दूसरे हिंदुओं को सोशल मीडिया के माध्यम से बता देना कि देखो किस किस तरह की योजना बनाई जा रही हैं अभी से हमारे बच्चों को सनातन के विरोध में खड़ा करने की |
क्योंकि आज जिन बच्चों को राधा रानी की ड्रेस पहन कर अंदर जाने से रोका गया है | आगे आगे इन बच्चों के दिमाग में यही हेजीटेशन रहेगा कि फिर से कोई सनातन विचारों का प्रदर्शन करा तो ऐसा न हो हमको लाइन से अलग कर दिया जाए |